Saturday, November 24, 2018

कार्तिक पूर्णिमा पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

डी0 पी0 श्रीवास्तव (NNI Coverage) 
नानपारा, बहराइच (उ0प्र0)। सरयू किनारे बसे तकिया सरैयां में कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान सुबह चार बजे से शुरू हो गया। हजारों श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के जयघोष संग आस्था की पवित्र डुबकी लगाई। आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाने को तकिया सरैयां में बीती रात तक हजारों श्रद्धालु पहुंच गए थे। रैला उमडऩे से मेला स्थल श्रद्धालुओं से भर गया था।
दिन निकलने से पहले श्रद्धालु पहुंचे घाट पर
मेला स्थल पर तंबू, बाजार, मनोरंजन क्षेत्र, सड़क, मुसाफिर खाने इत्यादि सभी जगह श्रद्धालुओं की भीड़ रही। दिन निकलने से पहले ही श्रद्धालु डेरों से निकले और सरयू के तकिया घाट की तरफ बढऩे लगे। कार्तिक पूर्णिमा पर ही सरैयां के तकिया गांव में एतिहासिक मेले का आयोजन होता है। शुक्रवार को यह इंतजार खत्म होने पर पुण्य कमाने के लिए स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। इस स्थान के लिए सैकड़ो श्रद्धालु पिछले कई रोज से तंबूओं में डेरा डाले थे। इस शुभ दिन का इन्तजार करने वाले मेला स्थल की सड़क के किनारे पर बने शिविरों व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में डेरा डाले हुए थे। इसकी वजह से सरैयां व हाईवे से नानपारा के रास्ते तकिया आने वाली सड़क तक भीषण जाम की जद में आ गई थी। 
पुलिस के लिए बराबर बनी रही चुनौती
पुलिस के लिए शुक्रवार चुनौती पूर्ण रहा। इससे निबटने को खाकी सतर्क होने का दावा कर रही थी। इतना ही नहीं स्नान घाटों पर विशेष निगरानी के लिए कड़ी पुलिस सुरक्षा के साथ महिला पुलिस कर्मियों को तैनात किया था। एतिहासिक सरयू तकिया मेला में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ते ही पुलिस की परीक्षा शुरू हो चुकी थी। मेला कोतवाली क्षेत्र में तमाम पुलिस चौकियों के प्रभारियों को सख्त दिशा निर्देश दिए गए थे। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने उस बीच दावा किया कि जाम से निबटने को पर्याप्त पुलिस बल लगा है। कहीं ट्रैफिक फंसा नहीं है। धीमी गति से जरूर आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से घाट पर पुलिस कर्मी भी नजर आ रहे थे।
सरयू तकिया मेला जब पूरे शवाब पर पहुंचा
हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने से हर तरफ रौनक ही रौनक रही। चारों ओर तंबू तने थे। झूले-सर्कस, काला जादू शो जैसे मनोरंजन के साधनों और महिला श्रंगार वाले मीना बाजार भीड़ से भरे रहे। उत्तर भारत का यह ऐतिहासिक सरयू तकिया मेला शुक्रवार को पूरे शबाब पर दिखा। हालांकि अभी तक श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी था। पूरे दिन श्रद्धालु लदे ट्रेक्टर ट्रालियां, भैंसा-बुग्गी, व बैलगाड़ी इत्यादि साधन से मेला स्थल पहुंचते रहे।

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