पंकज वर्मा (NNI Coverage)
श्रावस्ती(ब्यूरो) उ0प्र0। जन-जन को स्वस्थ्य रखे बिना सम्पूर्ण विकास की परिकल्पना नही की जा सकती है इसी के मद्देनजर भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार ने जन-जन को स्वस्थ्य रखने का जो बीणा उठाया है इसके लिए सरकार द्वारा तमाम स्वास्थ्य योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों का दायित्व बनता है कि वे बेसिक शिक्षा, आई0सी0डी0एस0, पंचायत विभाग, तथा ग्राम प्रधानों से बेहतर तालमेल बनाकर उसे धरातल पर उतारें और जिले के हर नवजात शिशुओं, गर्भवती महिलाओं एवं मरीजों का टीकाकरण/बेहतर इलाज मुहैया कराकर उन्हे स्वस्थ्य बनावें ताकि जनपद का सर्वांगीण विकास हो सके।
उक्त विचार कलेक्ट्रेट सभागार में तमाम विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करने के दौरान प्रदेश के सचिव पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग/जनपद के नोडल अधिकारी के0 राम मोहन राव ने व्यक्त किया। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करने के दौरान जोर देते हुए कहा कि बेहतर ढंग से डोर-टू-डोर मानीटरिंग करके हर नवजात शिशुओं, गर्भवती महिलाओं को सूचीबद्ध करें और समय से उन्हे सभी स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करावें ताकि उन्हे स्वस्थ्य रखा जा सके। हेल्थ एवं न्यूट्रीशियन में रूचि न लेने के कारण नोडल अधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को कडी फटकार लगाई तथा चेतावनी देते हुए कहा कि बार-बार निर्देश देने के बाद यदि सुधार नही हुआ तो निश्चित ही वेतन रूकेगा और निलम्बन हेतु संस्तुति भी की जायेगी। समीक्षा में देखा गया कि 01-09 माह तक की गर्भवती महिलाओं का डाटा न बनाने पर कड़ी फटकार लगाई। नोडल अधिकारी ने निर्देश दिया कि ए0एन0एम0/आशा द्वारा गांव में जाकर डोर-टू-डोर सर्वें कर गर्भवती महिलाओं का प्रत्येक माह निर्धारित दिये गये प्रारूप में अंकन करें।
नोडल अधिकारी ने जिलास्तरीय सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सप्ताह में कम से कम 05 दिन फील्ड में जरूर जाएं तथा सरकार द्वारा गावों में चलायी जा रही योजनाओं की समीक्षा कर धरातल पर उतारें तथा हर पात्र गरीब, मजलूम, व्यक्तियों को लाभान्वित करें। गावों में की गयी निरीक्षण रिपोर्ट अपने उच्चाधिकारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी को भी प्रेषित करें। एक निरीक्षण पंजिका भी बनाया जाए जिसमें यह उल्लिखित किया जाए कि प्रत्येक दिन में कितना कार्य किया गया तथा सप्ताह में कितना और महीने में कुल कितना कार्य किया गया। उन्होने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि गांव न जाने वाले अधिकारी अब बख्शे नही जायेगें उनका वेतन रोका जायेगा। गावों में न दौरा कर निरीक्षण रिपोर्ट भेजने वाले अधिकारी क्रमशः अधिशाषी अभियन्ता सरयू नहर खण्ड-6, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, अधिशाषी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग सहित कई अधिकारियों को फटकार लगाई तथा ढंग से कार्य करने की नसीहत दी।
समीक्षा के दौरान सचिव ने कृषि, वन, समाज कल्याण, दिव्यांग, प्रोवेशन/महिला कल्याण, पिछड़ा वर्ग, माध्यमिक शिक्षा, भूमि संरक्षण, उद्यान, पशुपालन, सहकारिता, सिंचाई, नलकूप, जल निगम, नगर निकाय, खादी ग्रामोद्योग, जिला उद्योग केन्द्र एवं परिवहन सहित तमाम विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की गहन समीक्षा की तथा सभी सम्बन्धित अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करके अपने अपने लक्ष्यों को पूरा करने का निर्देश दिया है।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी अवनीश राय, प्रभागीय वनाधिकारी, अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) योगानन्द पाण्डेय, उप जिलाधिकारी भिनगा चन्द्र मोहन गर्ग, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शिपू गिरि, सहित तमाम विभागों के अधिकारी/कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।
श्रावस्ती(ब्यूरो) उ0प्र0। जन-जन को स्वस्थ्य रखे बिना सम्पूर्ण विकास की परिकल्पना नही की जा सकती है इसी के मद्देनजर भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार ने जन-जन को स्वस्थ्य रखने का जो बीणा उठाया है इसके लिए सरकार द्वारा तमाम स्वास्थ्य योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों का दायित्व बनता है कि वे बेसिक शिक्षा, आई0सी0डी0एस0, पंचायत विभाग, तथा ग्राम प्रधानों से बेहतर तालमेल बनाकर उसे धरातल पर उतारें और जिले के हर नवजात शिशुओं, गर्भवती महिलाओं एवं मरीजों का टीकाकरण/बेहतर इलाज मुहैया कराकर उन्हे स्वस्थ्य बनावें ताकि जनपद का सर्वांगीण विकास हो सके।
उक्त विचार कलेक्ट्रेट सभागार में तमाम विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करने के दौरान प्रदेश के सचिव पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग/जनपद के नोडल अधिकारी के0 राम मोहन राव ने व्यक्त किया। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करने के दौरान जोर देते हुए कहा कि बेहतर ढंग से डोर-टू-डोर मानीटरिंग करके हर नवजात शिशुओं, गर्भवती महिलाओं को सूचीबद्ध करें और समय से उन्हे सभी स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करावें ताकि उन्हे स्वस्थ्य रखा जा सके। हेल्थ एवं न्यूट्रीशियन में रूचि न लेने के कारण नोडल अधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को कडी फटकार लगाई तथा चेतावनी देते हुए कहा कि बार-बार निर्देश देने के बाद यदि सुधार नही हुआ तो निश्चित ही वेतन रूकेगा और निलम्बन हेतु संस्तुति भी की जायेगी। समीक्षा में देखा गया कि 01-09 माह तक की गर्भवती महिलाओं का डाटा न बनाने पर कड़ी फटकार लगाई। नोडल अधिकारी ने निर्देश दिया कि ए0एन0एम0/आशा द्वारा गांव में जाकर डोर-टू-डोर सर्वें कर गर्भवती महिलाओं का प्रत्येक माह निर्धारित दिये गये प्रारूप में अंकन करें।
नोडल अधिकारी ने जिलास्तरीय सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सप्ताह में कम से कम 05 दिन फील्ड में जरूर जाएं तथा सरकार द्वारा गावों में चलायी जा रही योजनाओं की समीक्षा कर धरातल पर उतारें तथा हर पात्र गरीब, मजलूम, व्यक्तियों को लाभान्वित करें। गावों में की गयी निरीक्षण रिपोर्ट अपने उच्चाधिकारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी को भी प्रेषित करें। एक निरीक्षण पंजिका भी बनाया जाए जिसमें यह उल्लिखित किया जाए कि प्रत्येक दिन में कितना कार्य किया गया तथा सप्ताह में कितना और महीने में कुल कितना कार्य किया गया। उन्होने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि गांव न जाने वाले अधिकारी अब बख्शे नही जायेगें उनका वेतन रोका जायेगा। गावों में न दौरा कर निरीक्षण रिपोर्ट भेजने वाले अधिकारी क्रमशः अधिशाषी अभियन्ता सरयू नहर खण्ड-6, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, अधिशाषी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग सहित कई अधिकारियों को फटकार लगाई तथा ढंग से कार्य करने की नसीहत दी।
समीक्षा के दौरान सचिव ने कृषि, वन, समाज कल्याण, दिव्यांग, प्रोवेशन/महिला कल्याण, पिछड़ा वर्ग, माध्यमिक शिक्षा, भूमि संरक्षण, उद्यान, पशुपालन, सहकारिता, सिंचाई, नलकूप, जल निगम, नगर निकाय, खादी ग्रामोद्योग, जिला उद्योग केन्द्र एवं परिवहन सहित तमाम विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की गहन समीक्षा की तथा सभी सम्बन्धित अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करके अपने अपने लक्ष्यों को पूरा करने का निर्देश दिया है।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी अवनीश राय, प्रभागीय वनाधिकारी, अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) योगानन्द पाण्डेय, उप जिलाधिकारी भिनगा चन्द्र मोहन गर्ग, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शिपू गिरि, सहित तमाम विभागों के अधिकारी/कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।

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