ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव (NNI Coverage)
बहराइच, उ0प्र0/नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 पहले बीजेपी को एक और जोरदार झटका लगा हैं। दरअसल, उत्तर प्रदेश के बहराइच से बीजेपी सांसद और दलित नेता सावित्री बाई फूले ने पार्टी से इत्तीफा दे दिया है। बीजेपी से इस्तीफा देने के पीछे उन्होंने कारण बताते हुए पार्टी पर बड़ा आरोप लगाया। सावित्री बाई फूले ने कहा कि बीजेपी समाज में विभाजन पैदा करने का काम कर रही है। आपको बता दे कि सावित्री बाई फूले काफी दिनों से पार्टी से नाराज चल रही थी और और पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी कर रही थी। जिसके बाद आज उन्होंने पार्टी छोड़ दी।
राजस्थान के अलवर में सीएम योगी द्वारा बजरंगबली पर दिए गए बयान पर सांसद सावित्री बाई फुले ने भगवान राम को मनुवादी बताया। सावित्री बाई ने कहा कि अगर बजरंगबली दलित नहीं थे, तो उन्हें इंसान क्यों नहीं बनाया गया उन्हें बंदर क्यों बनाया गया ? उनके मुंह में कालिख क्यों लगाई गई और उन्हें पूंछ क्यों लगाई गई ? सावित्री बाई फुले ने कहा कि आज मंदिर और कुंभ के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं अगर यहीं पैसे गरीबों में बांट दिया जाए तो शायद गरीबों की गरीबी कम हो जाएं।
सावित्री फुले ने कहा कि 4 साल तक इस लोगों को मंदिर के नाम का बिल्कुल भी याद नहीं रहा, अब जब 5 राज्यों में चुनाव हो रहे हैं तो इन्हें मंदिर की याद आई हैं। सावित्री बाई फुले का गुस्सा यही नहीं थमा। उन्होंने कहा कि सीएम योगी का दलित प्रेम मात्र दिखावा हैं, अगर उन्हें दलितों से प्यार हैं तो दलितों को गले लगाए और दलितों का सम्मान करे। सावित्री ने कहा कि देश में जितने भी मंदिर हैं वहां दलितों को ही पुजारी रखा जाना चाहिए।
आपको बता दें कि चुनाव प्रचार के दौरान मालाखेड़ा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि एक ऐसा लोक देवता हैं, जो अब स्वयं वनवासी हैं, गिरवासी हैं, दलति हैं, वंचित हैं। पूरे भारतीय समाज को उत्तर से लकेर दक्षिण तक और पूरब से लेकर पश्चिम तक सबको जोड़ने का काम बजरंग बली करते हैं। योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद हंगामा शुरू हो गया।

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