पंकज वर्मा (NNI Coverage)
श्रावस्ती(ब्यूरो) उ0प्र0। जिला प्रदेश की राजधानी लखनऊ से तकरीबन 180 किमी दूर नेपाल सीमा पर स्थित है। इतिहास में श्रावस्ती को कौशल क्षेत्र की दूसरी राजधानी के तौर पर जाना जाता था। मान्यता है कि भगवान राम के पुत्र लव ने इसे अपनी राजधानी बनाया था। वहीँ भगवान बुद्ध ने भी यहाँ अपने जीवन के 25 साल व्यतीत किये थे। श्रावस्ती नेपाल से आने वाली गेरुआ नदी के दुसरे हिस्से, राप्ती नदी, जिसे इतिहास में अचिरावती के नाम से जाना जाता था जिसके किनारे पर बसा हुआ नगर है। बौद्ध और जैन दोनों ही धर्मो के लोगों का तीर्थ स्थान, श्रावस्ती गौतम बुद्ध से जुड़ी कई प्राचीन कहानियों का जीवित प्रमाण है।
जिले में दूसरी बार जिलाधिकारी दीपक मीणा के अथक प्रयासों के बाद श्रावस्ती महोत्सव का आज 26 जनवरी गंडतन्त्र दिवस के मौके से आगाज़ हो गया। जिसका उद्धघाटन श्रावस्ती के प्रभारी मंत्री रनवेंद्र प्रताप सिंह धुन्नी ने किया। जिसपर जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मंत्री को गीता और बौद्ध प्रतिमा देकर उनका स्वागत किया। महोत्सव की शुरुवात राष्ट्रगान से की गई।प्रभारी मंत्री ने इसके बाद विभिन्न विभाग द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया। जिसमें स्वक्षता मिशन ,1090, सूचना विभाग की प्रदर्शनी, कृषि विभाग,बउद्यान विभाग के स्टॉल को देखकर वे प्रभावित भी हुए। इस मौके महोत्सव में आये लोगों ने इसे सरहनीय कदम बताया, और इस तरह के महोत्सव से तमाम तरह की योजनाओं की जानकारी मिलने की बात कही। महोत्सव में बच्चों के लिए लगाए गए बड़े झूले और एयर बैलून लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान जिले के DM, आये मंत्री, सांसद और विधायक का सम्बोधन भी हुआ।
श्रावस्ती(ब्यूरो) उ0प्र0। जिला प्रदेश की राजधानी लखनऊ से तकरीबन 180 किमी दूर नेपाल सीमा पर स्थित है। इतिहास में श्रावस्ती को कौशल क्षेत्र की दूसरी राजधानी के तौर पर जाना जाता था। मान्यता है कि भगवान राम के पुत्र लव ने इसे अपनी राजधानी बनाया था। वहीँ भगवान बुद्ध ने भी यहाँ अपने जीवन के 25 साल व्यतीत किये थे। श्रावस्ती नेपाल से आने वाली गेरुआ नदी के दुसरे हिस्से, राप्ती नदी, जिसे इतिहास में अचिरावती के नाम से जाना जाता था जिसके किनारे पर बसा हुआ नगर है। बौद्ध और जैन दोनों ही धर्मो के लोगों का तीर्थ स्थान, श्रावस्ती गौतम बुद्ध से जुड़ी कई प्राचीन कहानियों का जीवित प्रमाण है।
जिले में दूसरी बार जिलाधिकारी दीपक मीणा के अथक प्रयासों के बाद श्रावस्ती महोत्सव का आज 26 जनवरी गंडतन्त्र दिवस के मौके से आगाज़ हो गया। जिसका उद्धघाटन श्रावस्ती के प्रभारी मंत्री रनवेंद्र प्रताप सिंह धुन्नी ने किया। जिसपर जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मंत्री को गीता और बौद्ध प्रतिमा देकर उनका स्वागत किया। महोत्सव की शुरुवात राष्ट्रगान से की गई।प्रभारी मंत्री ने इसके बाद विभिन्न विभाग द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया। जिसमें स्वक्षता मिशन ,1090, सूचना विभाग की प्रदर्शनी, कृषि विभाग,बउद्यान विभाग के स्टॉल को देखकर वे प्रभावित भी हुए। इस मौके महोत्सव में आये लोगों ने इसे सरहनीय कदम बताया, और इस तरह के महोत्सव से तमाम तरह की योजनाओं की जानकारी मिलने की बात कही। महोत्सव में बच्चों के लिए लगाए गए बड़े झूले और एयर बैलून लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान जिले के DM, आये मंत्री, सांसद और विधायक का सम्बोधन भी हुआ।


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