पंकज वर्मा (NNI Coverage)
श्रावस्ती(ब्यूरो) उ0प्र0। विधिक साक्षरता शिविर ‘‘बाल अधिकार व ए0डी0आर एवं मीडियेशन सेन्टर का महत्व व आगामी राष्ट्र्ीय लोक अदालत 09.03.2019 का महत्व ‘‘ आदि विषयों पर अपराह्न समय 02.00 बजे से स्थान - पंचायत भवन, खैरीकला, तहसील भिनगा, थाना भिनगा, जनपद श्रावस्ती में आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शैलेश पाण्डेय द्वारा माॅ सरस्वती के चित्र पर माल्यापर्ण एवं द्वीप प्रज्जवलन कर किया गया।
उक्त कार्यक्रम में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा की प्रत्येक माता-पिता का यह दायित्व है कि वह अपने बालक-बालिकाओं को पढ़ाये। उन्होने यह भी कहा कि जीवन की सभी समस्याऐ केवल शिक्षा के द्वारा ही दूर हो सकती हैै। बाल विवाह में अपना जनपद- श्रावस्ती प्रदेश में सबसे अव्वल है। प्रत्येक माता पिता का यह दायित्व है कि वह अपने बालक बालिकाओं का विवाह बालिग होने पर ही करें। शिक्षा,स्वास्थ्य तथा जीवन के अन्य क्षेत्रो के विकास होने पर बल दिया जिसके लिये सभी का सहयोग अपेक्षित है। इस सम्बन्ध मे तमाम राष्ट्र्ीय और अन्तराष्ट्र्ीय स्तर पर कानूनो की रचना की गयी है और उनके क्रियान्वयन का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा जो किशोर अपराध के सम्बनध मे आते है उनके सम्बन्ध मे जे0जे0 एक्ट तथा सी0डब्लू0 सी0के बारे मे बताया। उन्हाने आगामी राष्ट्र्ीय लोक अदालत 09.03.2019 को आयोजित हाने वाली लोक अदालत के बारे मे भी बताया। उन्होने राष्ट्र्ीय लोक अदालत के बारे मे जनसामान्य को सम्बोधित करते हुए प्रत्येक व्यक्ति को अपने सभी बादो के निस्तारण के लिए आयोजित होने वाली लोक अदालत मे आएं और अपने वादो का निस्तारण कराकर लाभान्वित हों।
उक्त कार्यक्रम में तहसीलदार राजकुमार पाण्डेय ने अपने सम्बोधन में कहा कि 14वर्ष से कम उम्र के बच्चो के लिये बाल श्रम निरोधक कानून व 6 वर्ष तक के बच्चों के लिये सरकार ने आंगनबाड़ी केन्दग खेाले गये जहां पर उनकी शिक्षा की समुचित व्यवस्था है जो शासन द्वारा बेटियों के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी तथा कहा कि बेटियों का हक भी राजस्व विधियों में बेटों के बराबर है। उन्होने महिलाओं के अधिकारो के बाबत राजस्व विधि में दिए गये प्रावधानों की चर्चा की। उन्होने ए0डी0आर0 सेन्टर के महत्वो को भी विस्तार से बताया। उन्होने मीडियेशन के बारे मे बताते हुए यह भी कहा कि मीडियेशन एक ऐसा माध्यम है जिससे घर के आपसी झगड़े कम समय मे बिना किसी मतभेद के बिना किसी कोर्ट के चक्कर लगाये ही आसानी से सुलझाये जा सकते है।
उक्त कार्यक्रम में एडवोकेट रामचन्द्र वर्मा, ने उपस्थित जनसामान्य को बाल अधिकार तथा मीडियेशन सेन्टर के बारे में विस्तृत जानकारी दी एवं मानवता का पाठ पढ़ाया।
इस अवसर पर कमलेश कुमार, जितेन्द्र सिंह, अजय कुमार, तिलक राम, रामनायक, बिकाऊ,खैराती लाल,श्याम लाल,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रावस्ती लिपिक दयाराम आदि उपस्थित रहे।
श्रावस्ती(ब्यूरो) उ0प्र0। विधिक साक्षरता शिविर ‘‘बाल अधिकार व ए0डी0आर एवं मीडियेशन सेन्टर का महत्व व आगामी राष्ट्र्ीय लोक अदालत 09.03.2019 का महत्व ‘‘ आदि विषयों पर अपराह्न समय 02.00 बजे से स्थान - पंचायत भवन, खैरीकला, तहसील भिनगा, थाना भिनगा, जनपद श्रावस्ती में आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शैलेश पाण्डेय द्वारा माॅ सरस्वती के चित्र पर माल्यापर्ण एवं द्वीप प्रज्जवलन कर किया गया।
उक्त कार्यक्रम में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा की प्रत्येक माता-पिता का यह दायित्व है कि वह अपने बालक-बालिकाओं को पढ़ाये। उन्होने यह भी कहा कि जीवन की सभी समस्याऐ केवल शिक्षा के द्वारा ही दूर हो सकती हैै। बाल विवाह में अपना जनपद- श्रावस्ती प्रदेश में सबसे अव्वल है। प्रत्येक माता पिता का यह दायित्व है कि वह अपने बालक बालिकाओं का विवाह बालिग होने पर ही करें। शिक्षा,स्वास्थ्य तथा जीवन के अन्य क्षेत्रो के विकास होने पर बल दिया जिसके लिये सभी का सहयोग अपेक्षित है। इस सम्बन्ध मे तमाम राष्ट्र्ीय और अन्तराष्ट्र्ीय स्तर पर कानूनो की रचना की गयी है और उनके क्रियान्वयन का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा जो किशोर अपराध के सम्बनध मे आते है उनके सम्बन्ध मे जे0जे0 एक्ट तथा सी0डब्लू0 सी0के बारे मे बताया। उन्हाने आगामी राष्ट्र्ीय लोक अदालत 09.03.2019 को आयोजित हाने वाली लोक अदालत के बारे मे भी बताया। उन्होने राष्ट्र्ीय लोक अदालत के बारे मे जनसामान्य को सम्बोधित करते हुए प्रत्येक व्यक्ति को अपने सभी बादो के निस्तारण के लिए आयोजित होने वाली लोक अदालत मे आएं और अपने वादो का निस्तारण कराकर लाभान्वित हों।
उक्त कार्यक्रम में तहसीलदार राजकुमार पाण्डेय ने अपने सम्बोधन में कहा कि 14वर्ष से कम उम्र के बच्चो के लिये बाल श्रम निरोधक कानून व 6 वर्ष तक के बच्चों के लिये सरकार ने आंगनबाड़ी केन्दग खेाले गये जहां पर उनकी शिक्षा की समुचित व्यवस्था है जो शासन द्वारा बेटियों के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी तथा कहा कि बेटियों का हक भी राजस्व विधियों में बेटों के बराबर है। उन्होने महिलाओं के अधिकारो के बाबत राजस्व विधि में दिए गये प्रावधानों की चर्चा की। उन्होने ए0डी0आर0 सेन्टर के महत्वो को भी विस्तार से बताया। उन्होने मीडियेशन के बारे मे बताते हुए यह भी कहा कि मीडियेशन एक ऐसा माध्यम है जिससे घर के आपसी झगड़े कम समय मे बिना किसी मतभेद के बिना किसी कोर्ट के चक्कर लगाये ही आसानी से सुलझाये जा सकते है।
उक्त कार्यक्रम में एडवोकेट रामचन्द्र वर्मा, ने उपस्थित जनसामान्य को बाल अधिकार तथा मीडियेशन सेन्टर के बारे में विस्तृत जानकारी दी एवं मानवता का पाठ पढ़ाया।
इस अवसर पर कमलेश कुमार, जितेन्द्र सिंह, अजय कुमार, तिलक राम, रामनायक, बिकाऊ,खैराती लाल,श्याम लाल,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रावस्ती लिपिक दयाराम आदि उपस्थित रहे।

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