Tuesday, February 12, 2019

सद्गुरु पब्लिक स्कूल से दिनदहाड़े जुड़वा बच्चे का अपहरण

अजय शुक्ला (NNI Coverage)
*बदमाशों ने तमंचे के बल पर दोनों छात्रों को स्कूल बस से उतारकर अगवा किया।*
चित्रकूट, उ0प्र0। मंगलवार की दोपहर स्कूल परिसर से दिनदहाड़े तेल कारोबारी के जुड़वां बेटों के अपहरण से सनसनी फैल गई। बाइक से आए बदमाश तमंचे के जोर पर बस पर चढ़ते समय दोनों बच्चों को अगवा कर ले गए। पुलिस बाबुली कोल गैंग द्वारा अपहरण करने और जंगल की ओर बच्चों को ले जाने की आशंका जता रही है। वहीं घटना के बाद से क्षेत्र में शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों के बीच दहशत का आलम है। हालांकि अभी तक फिरौती की मांग सामने नहीं आई है। कई पुलिस टीमें पड़ताल में जुट गई हैं।
                 नया गांव थानाक्षेत्र में सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट जानकी कुंड परिसर में ट्रस्ट द्वारा विद्याधाम अंग्रेजी माध्यम स्कूल संचालित है। इसमें कर्वी कोतवाली क्षेत्र चित्रकूट के रामघाट सीतापुर निवासी बड़े तेल कारोबारी ब्रजेश रावत के छह वर्षीय जुड़वां बेटे देवांश व शिवांश एलकेजी और यूकेजी में पढ़ते हैं। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे छुट्टी होने पर दोनों भाई बस में सवार होने जा रहे थे। इस बीच पल्सर बाइक से आए दो बदमाशों ने तमंचे के बल पर दोनों बच्चों से नाम पूछा और दोनों को बाइक पर बिठाकर रजौला मार्ग होते हुए अनुसुइया आश्रम के जंगलों की ओर भाग निकले।
                दोनों भाइयों के अपहरण से स्कूल परिसर में सनसनी फैल गई। शिक्षक, छात्र और बच्चों में दहशत का आलम बन गया। जानकारी पर पुलिस पहुंच गई। थाना प्रभारी केपी त्रिपाठी ने बताया कि स्कूल की तीन नंबर बस से अपहरण हुआ है। मामला रंजिश में अपहरण का लग रहा है, अभी तक कोई फिरौती की कोई मांग सामने नहीं आई है। नयागांव पुलिस की कई टीमें पड़ताल में जुटी हैं।

*सीसीटीवी खंगालने में जुटी पुलिस*
अपहरण की घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू कर दिए हैं। इसमें बाइक सवारों को पहचानने की कोशिश की जा रही है। बच्चों के अपहरण के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। कोई कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं है।
*बाबुली कोल गैंग पर संदेह*
दो जुड़वा भाइयों का दिनदहाड़े अपहरण के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। बाइक सवार अपहर्ताओं का जंगल की ओर जाने से साढ़े पांच लाख रुपये के इनामी बबुली कोल गैंग पर संदेह बना है। पुलिस भी अनुसुइया आश्रम जंगल की तरफ जाने के कारण मान रही है। हालांकि अभी परिजनों के पास फिरौती की मांग नहीं आई है।

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