दिवाकर श्रीवास्तव (NNI Coverage)
बहराइच, उ0प्र0। जिला अस्पताल में मरीजो से धन उगाही का खुला खेल जारी है। आये दिन मरीजो को सेवा प्रदान करने के नाम पर खुला शोषण किया जा रहा है ताजा मामला बुधवार को सामने आया जब पहले से ही दागी डाक्टर आर के वर्मा ने मरीज की हड्डी टूटने पर ऑपरेशन और दवा के नाम पर 11 हजार रुपये वसूल किये और रसीद मांगने पर मरीज को अपने पैरों पर चल के न जाने की धमकी तक दे डाली।डाक्टर का कहना कहना है यही इलाज अगर बाहर करवाओगे तो पचास हजार से ज्यादा रकम खर्च करना पड़ेगा। ये सरकारी अस्पताल है तो इसका मतलब ये नही की सारा इलाज मुफ्त में होगा इतना ही नही इस दागी डाक्टर ने मरीज के आई महिलाओं को पैसे वसूलने की बात किसी से भी कहने पर अंजाम भुगतने की धमकी तक दे डाली।
आपको बताते चले ये वही डाक्टर है जिनका कुछ माह पूर्ण अवैध धन उगाही और अवैध नर्सिंगहोम संचालन पाए जाने पर नर्सिंगहोम सीज कर जिला प्रशासन द्वारा वैधानिक कार्यवाही की गई थी लेकिन मामला ठंडा होने पर बेखौफ चिकित्सक ने फिर वही पुराना रवैय्या अख्तियार कर बिना डरे मरीजो के शोषण का खुला खेल खेलना शुरू कर दिया है।
सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार ये भी पता लगा है कि मरीजो के शोषण के खुले खेल में अस्पताल प्रशासन व जिले के आला अधिकारियों का मौन स्वीकृति प्राप्त है नर्सिंगहोम सीज करने के दौरान जिला प्रशसन के अधिकारियों को अवैध नर्सिंगहोम संचालन में बिना डिग्री व रजिस्ट्रेशन के कई दर्जनों मरीजो की बरामदगी तक हुई थी लेकिन अधिकारियों व सफेद पोश खाकी धारियों के इशारो पर मामलों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया जिससे भृष्ट डाक्टर के हौसले औऱ बुलंद हो गए है आये दिन मरीजो से खुलेआम ऑपरेशन के नाम पर अवैध वसूली दर्जनों शिकायतें की जाती है लेकिन अस्पताल के जिम्मेदारो के द्वारा दबा दिया जाता है।मरीजो कि इस लूट का ये कोई नया मामला नही है ।
जिला अस्पताल में खुली लूट का खेल वर्षो से जारी है जिला अस्पताल के सीएमएस, मरीजो की इस लूट में रोक लगाने में अभी तक नाकाम साबित हो रहे है ताजा मामला विशेशरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पण्डितपुरवा चैसार का है जहाँ 80 वर्षीय बुजुर्ग सुनीता पत्नी स्व0 वासुदेव मिश्रा को चोट लगने से उन्हें फैक्चर होगया उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया तो हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आर के वर्मा ने बताया कि उनका ऑपरेशन करना होगा और ओटी, में दवा के नाम पर ढाई हजार रुपये व ऑपरेशन करने के नाम पर आठ हजार पाँच सौ रुपये वसूल लिए। मरीज के साथ आये उनके बड़े बेटे जितेंद्र नाथ मिश्रा ने दिए गए रुपये की रसीद मांगी तो डॉक्टर आपे से बाहर होगये और इंजेक्शन लगाकर मरीज को अपंग बना देने की धमकी तक दे डाली। पीड़ित ने इसकी शिकायत सीएमएस, जिलाधिकारी मुख्यमंत्री को पत्राचार द्वारा की है।
सीएमएस डाक्टर डी के सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है जांच कमेटी गठित कर मामले की जांच कराई जा रही है।हालांकि ऐसा तो कई वर्षों से हो रहा है कई डाक्टरो के भृष्टाचार व वसूली के मामले की जांच कराई गई है लेकिन किसी को दोषी करार कर कार्यवाही नही हो सकी।


No comments:
Post a Comment