नई दिल्ली:
वीर जाबांज अभिनंदन का इंतजार उनके परिवार समेत पूरा देश कर रहा है. लेकिन विंग कमांडर अभिनंदन जब भारत की धरती पर कदम रखेंगे तो ना तो उनके परिवारवाले उन्हें देख पाएंगे और ना ही देशवासी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत आने के बाद अभिनंदन अपने परिवार के साथ नहीं जा पाएंगे. वाघा-अटारी बॉर्डर पर पहुंचने के बाद अभिनंदन अपने परिवार से महज कुछ पल के लिए ही मिल पाएंगे. क्योंकि सबसे पहले एयरफोर्स की टीम अभिनंदन का मेडिकल टेस्ट के ले जाएगी. मेडिकल टेस्ट करके यह पता लगाया जाएगा कि पाकिस्तान ने उन्हें टॉर्चर, फिजिकल हैरेसमेंट तो नहीं किया. अगर ऐसा कुछ पाया जाता है तो इंटरनेशनल रेड क्रॉस सोसायटी उनकी जांच करेगी. जेनेवा संधि के मुताबिक इसके बाद इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में पाकिस्तान के खिलाफ मुकदमा किया जाएगा।
इसके बाद अभिनंदन का बयान लिया जाएगा और उनसे पूछा जाएगा कि वहां पर उनके साथ क्या-क्या हुआ. क्या उन्होंने भारत से जुड़ी कोई जानकारी वहां के सेना को दी या नहीं. अगर जांच में सबकुछ सही पाया जाता है तो अभिनंदन फिर से ड्यूटी ज्वाइन करेंगे और इसके बाद फिर घर जाने की इजाजत दी जाएगी।
बता दें कि अगर विंग कमांडर ने पाकिस्तान में कोई खुलासे किए होंगे तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन उन्हें कभी वायुसेना का अध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा. इसलिए पूरी प्रक्रिया अभिनंदन के जांच के बाद ही पूरी होगी।

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