अखिलेश श्रीवास्तव (NNI Coverage)
बहराइच, उ0प्र0। IMA द्वारा शैथिक कार्य शाला का आयोजन टिकोरा मोड़ स्थित लेजर रिशार्ट में किया गया। इस कार्य शाला में अंतर राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वरिष्ठ स्त्री रोग विशेसज्ञ डॉक्टर P.C. महापात्रा जो कि भुवनश्वर से आये थे डॉक्टर महापात्र उनके व्यख्या का विसय था - MEN VS WOMEN, उन्होंने महिला एवं पुरुष के आज बिगड़ते हुए संबंधों को कैसे अच्छा बनाया जा सकता है आदि के बारे में बताया।
आज के युग मे महिला एक पुरुष कानूनी रूप से एक बराबर है मगर साइंस के हिसाब से ऐसा नही है कुछ चीजों में महिला बेहतर होती है कुछ बात में पुरुष, जैसे महिलाएं रेलेसनशिप को ज्यादा महत्व देती है और पुरुष अपने काम को ज्यादा महत्व देते है महिला एक साथ कई काम कर सकती है जैसे T.V देखना मोबाइल से बात करना। लेकिन पुरुष एक बार मे एक ही काम कर सकता है। जैसे की महिला में सोचने की शक्ति ज्यादा होती है। पुरुष में विश्लेषण करने की छमता ज्यादा होती है। महिला एक दिन मे 20000 शब्द बोल सकती है पुरुष सिर्फ 7000 शब्द एक दिन में बोल कर काम चला लेते है।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ऑटोनोमस मेडिकल कॉलेज बहराइच के प्रिंसिपल डॉ अनिल साहनी रहे सभी का संचालन डॉ वीना टन्डन, डॉ सविका शाहू ने किया। डॉ रीना केडिया ने सभी का स्वागत किया तथा I.M.A. के प्रेसीडेंट डॉ विजय अग्रवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर डॉ अनिल केडिया, डॉ B.N मेहता, डॉ अरविंद, डॉ सारिका डॉ रीना केडिया, डॉ वीना टण्डन, डॉ अनिल साहनी आदि मौजूद रहे।
बहराइच, उ0प्र0। IMA द्वारा शैथिक कार्य शाला का आयोजन टिकोरा मोड़ स्थित लेजर रिशार्ट में किया गया। इस कार्य शाला में अंतर राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वरिष्ठ स्त्री रोग विशेसज्ञ डॉक्टर P.C. महापात्रा जो कि भुवनश्वर से आये थे डॉक्टर महापात्र उनके व्यख्या का विसय था - MEN VS WOMEN, उन्होंने महिला एवं पुरुष के आज बिगड़ते हुए संबंधों को कैसे अच्छा बनाया जा सकता है आदि के बारे में बताया।
आज के युग मे महिला एक पुरुष कानूनी रूप से एक बराबर है मगर साइंस के हिसाब से ऐसा नही है कुछ चीजों में महिला बेहतर होती है कुछ बात में पुरुष, जैसे महिलाएं रेलेसनशिप को ज्यादा महत्व देती है और पुरुष अपने काम को ज्यादा महत्व देते है महिला एक साथ कई काम कर सकती है जैसे T.V देखना मोबाइल से बात करना। लेकिन पुरुष एक बार मे एक ही काम कर सकता है। जैसे की महिला में सोचने की शक्ति ज्यादा होती है। पुरुष में विश्लेषण करने की छमता ज्यादा होती है। महिला एक दिन मे 20000 शब्द बोल सकती है पुरुष सिर्फ 7000 शब्द एक दिन में बोल कर काम चला लेते है।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ऑटोनोमस मेडिकल कॉलेज बहराइच के प्रिंसिपल डॉ अनिल साहनी रहे सभी का संचालन डॉ वीना टन्डन, डॉ सविका शाहू ने किया। डॉ रीना केडिया ने सभी का स्वागत किया तथा I.M.A. के प्रेसीडेंट डॉ विजय अग्रवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर डॉ अनिल केडिया, डॉ B.N मेहता, डॉ अरविंद, डॉ सारिका डॉ रीना केडिया, डॉ वीना टण्डन, डॉ अनिल साहनी आदि मौजूद रहे।


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