ब्रहमपाल सिंह यादव (NNI Coverage)
पीलीभीत, उ0प्र0। यूपी में योगी सरकार बनने के बाद प्रदेश को गड्ढा मुक्त बनाने का मुख्यमंत्री द्वारा आदेश जारी किया गया था एव भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने पर भी विशेष जोर दिया गया लेकिन पीलीभीत में डामर रोड को बनबाने हेतु मुख्यमंत्री योजना के अंतर्गत सरकारी धन दिया गया जिसका ठेकेदार एवं अधिकारियों की मिलीभगत से मार्ग में खानापूरी कर धन हड़पने का कार्य किया जा रहा।
तहसील क्षेत्र के ग्राम जमुनिया से ओड़झार शिव मंदिर जंगल की तरफ जाने वाले मुख्यमंत्री ग्रामीण योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे डामर रोड पर मानक के अनुसार सामग्री नहीं डाली जा रही है ठेकेदार की मनमानी के चलते मार्ग पर मोरिग की जगह रेत का प्रयोग किया जा रहा है सरकारी पैसे का बंदर बांट किए जाने का ग्रामीणों ने आरोप लगाया है आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योजना के अंतर्गत जमुनिया से ओड़झार मार्ग को डामर रोड के लिए 97.80 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है जिसका कार्य ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को सौपा गया है डामर रोड बनाने का कार्य पिछले माह मार्च में शुरू किया गया रोड में मोरिंग की जगह रेत का प्रयोग मानक के अनुसार सामग्री न डालने की जानकारी जैसे ही ग्रामीणों को लगी तभी ग्रामीणों ने विरोध करना शुरू कर दिया डामर रोड में घोटालेबाजी के चलते ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों ने पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री योजना से अंतर्गत जमुनिया से ओड़झार के लिए जाने वाले मार्ग पर डामर रोड बनाया जा रहा है जिस पर मोरिग की जगह नदी की रेत का प्रयोग किया जा रहा है एवं पत्थर भी कम मात्रा में डाला जा रहा है हम लोगों का कहना है कि मार्ग को ठीक तरह से मानक के अनुसार बनाया जाए नही तो ठेकेदार एव संबंधित विभागीय अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलने को मजबूर होंगे। मोहित अग्रवाल ठेकेदार ने बताया कि- दो दिन पूर्व मार्ग से संबंधित उच्च अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर डामर रोड की जांच की थी इस तरह का मामला कोई भी अधिकारियों के संज्ञान में नहीं आया है।

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