Monday, May 13, 2019

रमजान का महीना बड़ी बरकतों का है : बकाई

डॉ0 शकील अंसारी (NNI Coverage)
नानपारा, बहराइच : रमजान का अरबी मायने रमज़ से है रमज़ का मतलब जला देना रोजा रखकर इंसान अपनी ख्वाहिशों को जलाकर अल्लाह के करीब होता है। यह बात  मदरसा दारुल उलूम  मसूरिया अंसार नगर  के मोहतमिम  मोहम्मद उमर  बकाई  ने  एक मुलाकात में कही उन्होंने कहा की रमजान का पूरा महीना मोमिनो के लिए अजमत रहमत बरकत और मगफिरत का महीना है इस महीने में कुरान नाजिल हुआ है इस महीने में बहुत सारे अच्छे काम हुए हैं इस महीने में की गई इबादत का सवाब आम दिनों के मुकाबले 70 गुना ज्यादा  मिलता है एक नेकी के बदले 70 नेकी मिलती है इस महीने मैं रोजा रखकर सिर्फ भूखा रहना ही नहीं है बल्कि रोजे का असल मकसद जिस्म के हर आजा का रोजा है जैसे कि जुबान से कोई गलत बात नहीं बोलना गलत बात नहीं सुनना गलत नजर नहीं डालना जिस्म को साफ सुथरा रखना वक्त पर नमाज पढ़ना असल रोजा है रोजा हर  इंसान औरत मर्द पर फर्ज है रमजान के रोजे की बहुत बड़ी फजीलत है रमजान में  तरावीह की बड़ी फजीलत है पूरा रमजान तरावीह सुनना चाहिए इस महीने में (लैला तुल कद्र) भी होती है जिसका सवाब बहुत ही अजीम है उन्होंने कहा कि सच्चा इंसान सच्चे दिल से तौबा करता है तो इस महीने में अल्लाह उसके गुनाहों को बक्श देता है और वह जन्नत का हकदार हो सकता है।

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