यूसुफ अंसारी (NNI Coverage तहसील संवाददाता)
निघासन खीरी, उ0प्र0 - सरजू सहकारी चीनी मिल बेलरायां खीरी में काम कर रहे कैजुवल वर्कर 170 रूपये प्रति दिन एव 200 रूपये प्रति दिन के हिशाब से जिन्हें माह में 26 दिनों का भुगतान किया जा रहा है और एक दिन अनुपस्थिति रजिस्टरों में दिखा दिया जा रहा है और उसी चीनी मिल में आउट सोर्सिंग कर्मचारी जो संघ के निर्देशन में रखें गये जिन्हें माह में 10 हजार से 12हजार का भुगतान किया जा रहा है एवं पीएफ कटौती की जा रही हैं।प्रदेश में योगी सरकार से कई बार शिकायत भेजी है लेकिन अभी तक कोई सुनवायी नही हुयी। और अब पुनः मोदी सरकार भरष्टाचार समाप्त करने के लिए नियम कानून बना रहे है ।वही दूसरी तरफ चीनी मिल वर्करो की समस्या की जांच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने डी एम खीरी शैलेंद्र प्रताप सिंह को जांच कर वर्करो को मंहगाई की दृष्टि को देखते हुए ।उत्तर प्रदेश सरकार तय वेतन दिया जाये।पूर्व जीएम लालता प्रसाद सोनकर द्वारा जमकर शोषण किया गया है कैजुवल वर्करो को आउटसोर्सिंग के भांति बेलरायां वर्करो की समस्याओ हल करने फरमान जारी किया था लेकिन फरमान चीनी मिल अधिकारीयों की मिली भगत से कूड़े दान में फेंक दिए जाते हैं और चीनी मिल कार्यवाही का मामला रफा दफा कर दिया जाता हैं।

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