Friday, May 31, 2019

सूचना देना मात्र नहीं है पत्रकारों का काम : मण्डलायुक्त

अजीत बहादुर श्रीवास्तव (NNI Coverage जिलाप्रभारी)
गोण्डा, उ0प्र0। पत्रकारों की भूमिका समाज को सूचना देना मात्र नहीं है। उन्हें समाज की दिशा एवं दशा बदलने के लिए अपना योगदान देने के लिए आगे आना होगा। यह बात देवीपाटन मण्डल के आयुक्त महेन्द्र कुमार ने गुरुवार को जिला पंचायत सभागार में उप्र श्रमजीवी पत्रकार यूनियन द्वारा आयोजित हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कही।
आयुक्त ने अपने उद्बोधन में स्थानीय मीडिया की सराहना करते हुए कहा कि पिछले दिनों जिले के खोरहंसा में हुई एक घटना के बाद मीडिया ने जिस जिम्मेदारी का परिचय किया है, उसकी तारीफ की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार चुनाव को भी स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में ही मीडिया ने सारथी की भूमिका निभाई है। आयुक्त ने कहा कि आप रचनात्मक पत्रकारिता के माध्यम से समाज की गरीबी दूर करने में भी अपनी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने गरीबी के लिए काफी हद तक जनसंख्या विस्फोट के जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि आज के दौर में भी लोग पांच-छह बच्चे पैदा करंेगे, तो कोई भी राजनेता अथवा सरकार उनकी गरीबी दूर नहीं कर सकती। आयुक्त ने अपील किया कि अब आपको जनसंख्या नियंत्रण, पौधरोपण और जल संरक्षण जैसे मुद्दों को उठाने की जरूरत है।
परिक्षेत्रीय पुलिस उपमहानिरीक्षक डा. राकेश सिंह ने कहा कि पत्रकारिता में राष्ट्र हित सर्वोपरि है। वर्तमान परिवेश में टेलीविजन पर होने वाली परिचर्चा की प्रासंगिकता खत्म हो रही है। वहां अब आरोप-प्रत्यारोप ज्यादा देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार समाचार पत्रों में भी आलेख स्तरहीन होते जा रहे हैं। हमें इसमेें सुधार की जरूरत है। डीआइजी ने कहा कि टीवी चैनल्स और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बावजूद अखबारों की विश्वसनीयता अब भी कायम है। उन्होंने युवा पीढ़ी के पत्रकारों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्हें अपनी गुरुतर जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए।  डीआइजी ने सामाजिक सद्भाव व ताना बाना बनाए रखने के लिए पत्रकारों से अपनी भूमिका निभाते रहने की अपील की।
जिलाधिकारी डा. नितिन बंसल ने कहा कि समाज के हर क्षेत्र में आ रही गिरावट से पत्रकारिता भी अछूती नहीं रह सकती। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों से जारी होने वाली विज्ञप्तियां कई समाचार पत्रों में अगले दिन हूबहू पढ़ने को मिल जाती है। यह विज्ञप्तियां आपको कुछ सूचनाएं उपलब्ध कराती हैं। आपको इसके पहले और बाद के तथ्यों के बारे में भी अध्ययन करके एक पूर्ण समाचार प्रकाशित करना चाहिए। हमें दो दशक पहले की भांति विवेचनात्मक पत्रकारिता की ओर अग्रसर होना चाहिए। पत्रकारिता के विश्वसनीयता को पुनस्र्थापित करने के लिए सभी को एक साथ मिलकर गंभीर प्रयास करने होंगे। पीएसी के सेनानायक अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि समस्याओं में ही समाधान के बीज निहित होते हैं। 
कार्यक्रम को वरिष्ठ पत्रकार एसपी मिश्र, टीपी सिंह, अंचल श्रीवास्तव, अशोक मिश्र और अंकुर गर्ग ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन यूनियन के महामंत्री जानकी शरण द्विवेदी व अध्यक्षता जिलाध्यक्ष कैलाश वर्मा ने किया। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता केके श्रीवास्तव, मिर्जा शाहिद बेग, शिक्षक नेता अजीत सिंह, कवि शिवाकांत मिश्र विद्रोही, वरिष्ठ पत्रकार संजय तिवारी, भरत लाल त्रिपाठी, महेन्द्र तिवारी, प्रांजल पाण्डेय, ओम चन्द्र शर्मा, लखन लाल शुक्ल, चंदा नारायण राव, बजरंग त्रिपाठी, रमेश पाण्डेय, जगत अग्रवाल, किशोर तिवारी, चन्द्र प्रकाश तिवारी, राम प्रताप वर्मा, एसके सिंह, आरके मिश्रा, सचिन रस्तोगी, चन्द्रशेखर पाण्डेय, केके मिश्रा, राहुल तिवारी, श्याम बाबू, मथुरा प्रसाद मिश्र, कृष्ण कुमार यादव, अजय शुक्ला समेत जनपद के दूरदराज क्षेत्रों से आए पत्रकार मौजूद रहे।
"दो बच्चे हुए सम्मानित"
कार्यक्रम में सूचना विभाग के कर्मचारी वीरेन्द्र कुमार के पीजीआई लखनऊ में चयनित पुत्र डा. महेश कुमार व एनआईटी अगरतला में अध्ययनरत वरिष्ठ पत्रकार टीपी सिंह के पुत्र उत्कर्ष प्रताप सिंह को पुरस्कृत किया गया। डा. महेश का पुरस्कार सूचना विभाग के अरुण सिंह ने प्राप्त किया।
"सात पत्रकारों को पत्रकार शिरोमणि एवार्ड"
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार डीएन चैधरी, अखिलेश त्रिपाठी, श्याम प्रकाश तिवारी, यज्ञ नारायण तिवारी, पूरन चन्द्र गुप्ता, रंजीत शुक्ला, दिवाकर सिंह को उनके पत्रकार पुत्र अंकुर गर्ग के सौजन्य से स्व. छेदीलाल अग्रवाल पत्रकार शिरोमणि एवार्ड से सम्मानित किया गया।

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