अखिलेश श्रीवास्तव (NNI Coverage जनपद ब्यूरो)
बहराइच, उ0प्र0। बलात्कार के बाद हत्या पर सिर्फ एक ही सज़ा होनी चाहिए और वह सज़ा सिर्फ मौत होनी चाहिए अगर ऐसा कानून भारत में लागू कर दिया जाये तो बलात्कार ,हत्या क्या होती है अपराधी उसका नाम तक भूल जाएंगे अगर निर्भया कांड के समय ही यह कानून पास कर दिया जाता तो अब तक जितनी भी इस प्रकार की घटना होइ है वह नहीं हो पाती मुस्लिम महासभा जनपद बहराइच के जिलाध्यक्ष राशिद अली ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि बेटी,बहन,चाहे निर्भया हो कठुआ की आसिफा हो चाहे अलीगढ़ की ट्वेंकल शर्मा हो इनके साथ जो घटना घटी उसको धर्म से जोड़कर देखने से बेहतर यह है कि जिस भी दरिंदे ने ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया है सबको एक समान सज़ा मिलनी चाहिये आज अलीगढ़ कांड को लेकर पूरी मुस्लिम कौम पर ऊँगली उठाई जा रही है यह अनुचित है हर धर्म इस प्रकार के कुछ हैवान पाये जाते है अब ऐसे चंद दरिंदों के कारण हम पूरी कौम को गलत नहीं कह सकते कठुआ रेप मर्डर केश का फैसला आ गया न्यायपालिका ने जो फैसला दिया है बहुत सोच विचार कर दिया है अलीगढ़ केश में भी हैवानों को सख्त से सख्त सज़ा दी जानी चाहिये इस्लाम में ऐसे गुनाहगारों को माफ़ी नहीं दी गई है इस्लामी कानून के हिसाब से बलात्कार और हत्या की सज़ा सिर्फ मौत है अगर देश में इस्लामी कानून के मुताबिक ऐसे मामलों में सजाये मौत का कानून पास कर दिया जाये तो इस प्रकार की घटना ही ख़त्म हो जायेगी अपराधी न तो मुस्लमान होता है न ही हिन्दू वह तो सिर्फ अपराधी होता है ऐसे दरिंदों को सिर्फ मौत की सज़ा दिए जाने की मांग मुस्लिम महासभा करती है श्री अली ने कहा कि समाज किस दिशा में जा रहा है बहुत शर्म आती है कि हम ऐसे समाज में जी रहे है जहाँ पर जिस्म को नोचने वाले हैवान पाये जाते है वह यह भी नहीं सोचते की मासूम फूलों को कुचल रहे हैं उन परिवार पर क्या बीतता होगा जिनके साथ इस प्रकार की घटना होती होगी अब तो ऐसा लगता है कि जिनकी बेटियां है उनको सरकार विशेष सुरक्षा दे बेटियों की हिफाज़त के लिए आज के दौर में बेटियां स्कूल ,कॉलेज जाती है तो जब तक वापस नहीं आ जाती माता पिता परेशान रहते है कि बच्ची सही सलामत आ जाये माता पिता बेटियों को बहुत नाज़ों से पालते हैं फूलों की तरह रखते है मगर यह हवस के पुजारी उनको कुचलने में जरा भी नहीं हिचकिचाते है देश के राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री,प्रदेश के मुख्यमंत्री से मुस्लिम महासभा मांग करती है कि ऐसी घटनाओं की सज़ा सिर्फ मौत हो का कानून पास कर दिया जाए।

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