अनूप मिश्रा (NNI Coverage तहसील संवाददाता)
पयागपुर, बहराइच (उ0प्र0) 5 जून 2019 विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मेधा कंप्यूटर सेंटर विशेश्वरगंज में पर्यावरण बचाओ महाअभियान टीम द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण बचाओ महा अभियान टीम का संदेश प्रसारित किया गया। टीम के अगुवा रामकुमार युगांतर ने कहा कि आज पर्यावरणीय संकट अपने चरम पर है दुनिया में हाहाकार मचा है। धरती माता संकट में आ गई जबकि गौआधारित खेती करके पृथ्वी पर स्वर्ग लाया जा सकता है। लोग कहेंगे यह बहुत बड़ी बात है जबकि मैं सिद्ध करता हूं कि यह संभव है। देसी गाय के 1 ग्राम गोबर में 3000 से 5000 करोड़ तक सूक्ष्म जीवाणु होते हैं जो खेती के लिए बहुत महत्वपूर्ण है ।इस प्रकार गौ आधारित खेती करके अपने खेत को उपजाऊ बनाया जा सकता है दूना उत्पादन लिया जा सकता है अपने उत्पाद को दूनी कीमत पर बेचा जा सकता है ।और यह सब जीरो बजट से या बहुत कम लागत से किया जा सकता है ।इसमें 90 परसेंट पानी की बचत होती है। इस खेती से पैदा अनाज औषधीय और लज्जतदार होते हैं ।इस खेती से खेत में मित्र कीड़े और केंचुआ पैदा होते हैं जो मिट्टी को भुरभुरा और पोला बनाते हैं ।जिससे वाटर रिचार्जिंग होती है। इस खेती से जैव विविधता आ जाएगी ।पारिस्थितिकी संकट दूर होगा हवा पानी शुद्ध हो जाएगा। लोग स्वस्थ हो जाएंगे तथा अपने देश द्वारा अरबों रुपए का जहर और खरबों रुपए की अंग्रेजी दवा का व्यापार बंद हो जाएगा। जो पैसा अपने राष्ट्रीय कोष में जाएगा तथा आज की ज्वलंत समस्या छुट्टा जानवरों की समस्या का समाधान होगा और गाय की भी रक्षा हो जाएगी। इस प्रकार हम धन-धान्य से भरपूर हो जाएंगे तथा जैसा अन्न वैसा मन जब हमारा अन्न शुद्ध हो जाएगा तो हमारा मन भी ठीक हो जाएगा गाय की महिमा बताने के लिए हमारे वेद शास्त्र भरे पड़े हैं गाय में 33 करोड़ देवताओं का वास है गौदान कर देने से ही आदमी नर्क से स्वर्ग में चला जाता है। मैं यह सब नहीं मानता हूं लेकिन मैं गाय को एक चमत्कार मानता हूं और उस चमत्कार को नमस्कार करता हूं ।और लोगों से अपील करता हूं कि सब लोग एक गाय पाले और उसके मूत्र व गोबर से जीवामृत वा घन जीवामृत बनाकर खेती करें भरपूर उत्पादन होगा जबकि रासायनिक खेती से हमारे खेत ऊसर हो रहे हैं ।हमारा स्वास्थ्य खराब हो गया है ।हमारा अनाज जहरीला हो गया है ।जैव विविधता समाप्त हो गई है। पारिस्थितिकी संकट खड़ा हो गया है ।खेती की लागत बढ़ जाने से किसान घाटे में जा रहा है। पानी के अत्यधिक दोहन से भूतल नीचे जा रहा है ।फिर भी उत्पादन घट गया है अनेका अनेक समस्याएं खड़ी हो गई है। इन सब का निदान गौ आधारित खेती है इस प्रकार हम तो समझते हैं कि गौ आधारित खेती करके पृथ्वी पर स्वर्ग लाया जा सकता है ।इसलिए आप लोगों से निवेदन है कि आप लोग पृथ्वी पर स्वर्ग लाने की मुहिम में एक कदम आगे बढ़ाए कार्यक्रम में मुख्य रूप से रामकुमार युगांतर सुरेंद्र गिरी प्रशांत त्रिपाठी फूलचंद गिरी केसरी लाल अशर्फी गुप्ता अशोक पांडे साक्षी पांडे प्रदीप कुमार आदि उपस्थित रहे।

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