अंबाला, हरियाणा राज्य। नींद में चलने की बीमारी के कारण होने वाले कई हादसे सुने, लेकिन पंजाब में एक लड़की के साथ जो हुआ, वह बहुत अजीब है। नींद में चलने की बीमारी के कारण 15 साल की लड़की रात के समय घर से बाहर निकल गई। वह मथुरा में ही कुछ दिन यहां-वहां भटकती रही। फिर ट्रेन में सवार होकर अमृतसर स्वर्ण मंदिर पहुंच गई। वापसी में अंबाला में टीटीई ने जब ट्रेन में टिकट चेक किया तो उसके पास टिकट नहीं था। इसलिए उसने लड़की को अंबाला उतार दिया। यहां पर पुलिस की दुर्गा शक्ति इकाई ने लड़की को महिला थाने को सौंपा और महिला थाने ने चाइल्ड लाइन सौंप दिया। चाइल्ड लाइन के सदस्य कमल, सुजाता ने लड़की से स्नेह से पूछा तो उसने बताया कि वह छह भाई-बहन हैं। पिता हार्ट के मरीज हैं, मां घरों में काम करके परिवार का पेट पालती है। इसलिए कोई भी भाई-बहन स्कूल नहीं जाता। लड़की के पास न तो घर का पता था न ही मोबाइल नंबर। लेकिन उसने चाइल्ड लाइन की समन्वयक सुजाता को बताया कि वह मथुरा में जमुनानगर में रहती है। इसके बाद चाइल्ड लाइन ने वहां लगते थाने में संपर्क किया तो 21वें दिन परिवार का पता चल गया।

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