ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव (NNI Coverage : News Anchor)
बलहा, बहराइच (उ0प्र0)। जहाँ एक तरफ यूपी की योगी सरकार प्राथमिक शिक्षा के स्तर को सुधारने की बात करती है चाहे वह बच्चों के अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने की हो या स्कूल में साफ सफाई की यूपी सरकार हमेशा शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारियों के पेंच समय समय पर कसा करती है पर उसमे कुछ लोग ऐसे भी होते है जो सरकार के मंशा पर पानी फेरने से बाज नही आते।
ताजा मामला जनपद बहराइच के बलहा विकास खण्ड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय नीलकोठी का है जहाँ पर एक आवारा गाय विद्यालय रसोई के बगल बीमारी के हालात में पड़ी पड़ी मर गयी।जिसकी सूचना स्कूल की प्रधान अध्यापिका द्वारा स्थानीय प्रधान को दी गयी पर उनके द्वारा कोई कार्यवाही नही की गयी मजे की बात तो यह रही कि विकाश खण्ड अधिकारी को भी जब फोन से जानकारी दी तो उन्होंने इतना कहकर पल्ला झाड़ लिया कि प्रधान से कह दिया है जब प्रधान से बात किया तो उन्होंने बताया कि लेखपाल से कहा है।मजे की बात तो यह रही कि रसोइ के बगल में मरी गाय पड़ी होने के बाउजूद बच्चों को मध्याह्न भोजन कराया गया।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल कि क्या कोई इस तरह के माहौल में भोजन कर सकता है,अगर नही तो शिक्षा के मंदिर में बच्चों को मध्यान भोजन क्यो कराया गया और अगर नही कराया गया तो क्यों नही कराया गया क्या सरकार ने ग्रामसभा में सफाई कर्मचारी की नियुक्ति नही की है!और अगर नही भी की है तो भी अगर विद्यालय में गाय मर ही गयी तो क्या अब वह हटाई ही नही जाएगी?इतना सब हो जाने के बाद भी किसी की आंखे नही खुली आज विद्यालय बन्द होने तक भी मृत गाय के शव को कही दफनाया नही जा सका।बरसात के मौसम में इतनी भीषण गर्मी होने से महामारी फैलने की आशंका बनी हुई है जिसका असर विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों पर पड़ने के पूर्ण आसार है।


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