Monday, August 12, 2019

वनरक्षक ने ग्रामीण को मारी गोली, घटनास्थल पर हुई मौत

ब्रह्मपाल सिह यादव (NNI Coverage मण्डल ब्यूरो)
हजारा, पीलीभीत (उ0प्र0)। जंगल में  चरने गई भैंस  को  खोज कर  घर लौट रहे युवक को वनरक्षक ने  गोली मारकर  मौत के घाट उतार दिया है  और दूसरे साथियों को  भी जान से मारने का प्रयास किया है  जो  अपनी जान बचाकर  भाग गए और घटना की  सूचना  परिजनों  को दी । घटना  के बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर  पोस्टमार्टमके लिए  भेज दिया है ।
घटना जनपद पीलीभीत की तहसील पूरनपुर के थाना हजारा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सिंघाड़ा उर्फ टा्टर गंज की है। रविवार की रात  कुलवंत सिंह पुत्र बुध प्रकाश सिंह अपने साथी पिंटू और साधु सिंह के साथ जंगल में चरने गई भैस खो गई थी जिसे  खोज कर रात लगभग 11बजे  घर वापस आ रहा था। कुलवंत के बडे भाई जसवंत सिंह ने बताया कि अभी वह नंद सिंह के खेत के निकट खड़ंजा मार्ग पर ही आया था तभी वन विभाग संपूर्णानगर की वनचौकी टाटरगंज के वनरक्षक कन्हैया लाल ,वन  वाचर निर्मल सिंह और बलविंदर सिंह के साथ राइफल लेकर बाइक से आ धमके  और बिना कुछ कुछ बताये ही अपनी बंदूक से कुलवंत की कनपटी पर फायर कर दिया जिससे ऊसकी घटना स्थल पर मौत हो गई और दूसरे साथियों को भी मारने के लिए दौड़ा लिया  जो गन्ने में भागकर अपनी जान बचाई और परिजनों को सूचना दी। ग्रामीणो के आते ही वन कर्मी फरार हो गए। घटना की सूचना पर यूपी हंड्रेड व हजारा पुलिस  ने शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए जिला अस्पताल पीलीभीत भेज दिया। घटना की सूचना के बाद जिले के तमाम आला अधिकारी एडीएम अतुल सिंह ,पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सोनकर, एसडीएम चंद्रभान सिंह, सीओ पूरनपुर कमल सिंह, सर्विलांस टीम प्रभारी खीम सिंह जलाल ,एसएचओ सुनील कुमार सिंह, कंबोज नगर पुलिस चौकी प्रभारी सुरेश पाल सिंह, लेखपाल सत्येंद्र सिंह और योगेश शर्मा सहित तमाम अधिकारी व भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और ग्रामीणो से घटना की जानकारी ली। ग्रामीणो के ब्यान दर्ज किये। पुलिस अधीक्षक ने दोषियों के खिलाफ  मुकदमा पंजीकृत  करा दिया है  और शीघ्र करवाई करने का  आश्वासन परिजनों  को दिया। घटना के बाद परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।

        बता दें कुलवंत सिंह दो भाइयों ने सबसे छोटा था जिसकी चार बहने है ग्रामीणों ने बताया की कुलवंत बहुत ही सज्जन और सर स्वभाव का था उसका किसी से कोई लड़ाई झगड़ा या रंजिश नहीं था उसकी आर्थिक स्थिति काफी खराब थी वह मजदूरी करके अपना गुजर-बसर कर रहा था उसकी मौत के बाद से परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है मां वचनों का और अपने पुत्र के गम में मानसिक संतुलन खो चुकी है।

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