Thursday, August 29, 2019

नगर पालिका जनसूचना अधिकारी दे रहे हैं भ्रामक सूचनाएं

ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव (NNI Coverage न्यूज एंकर)
बहराइच (उ0प्र0)। क़स्बा नानपारा के मोहल्ला पुरानी बाजार निवासी राशिद अली पुत्र लियाक़त अली ने जनसूचना अधिकारी नगर पालिका परिषद नानपारा से विगत 5-10-2017 को विभाग से सम्बंधित 5 बिंदुओं पर सूचना मांगी थी  राशिद अली ने जनसूचना अधिकारी से जानकारी चाही थी कि ज्ञात हो कि सामाजिक कार्यकर्ता ने नगर पालिका परिषद को पार्थना पत्र देकर जानना चाहा था कि नगर पालिका परिषद नानपारा ने गांधी पार्क में 12 दुकानों का निर्माण कराया था और लोगों को एलाटमेंट किया था उन सभी का नाम और जमा धन राषि तथा प्रति दुकान का प्रति माह किराया कितना है नगर पालिका परिषद और दुकानदारों का करार नामा क्या है इसकी सूचना छाया प्रति के साथ मांगी थी मगर नगर पालिका के जनसूचना अधिकारी ने 2 वर्ष के बाद जो सूचना दी है उसमें कोई छाया प्रति नहीं है। 
इस सूचना में बताया गया है कि 3 दुकाने प्रति दुकान डेढ़ लाख रुपए की जमानत धनराशि पर एलाट की गई है इसमें 2 दुकाने 2 सगे भाइयों को एलाट कर दी गई हैं 1 दुकान को एक लाख पच्चीस हजार रुपये में एलाट बताया गया है 1 दुकान को एक लाख चालीस हजार रुपये में एलाट बताया गया है 1 दुकान को एक लाख 10 हज़ार पाँच सौ रुपये में दिखया गया है 1 दुकान को पचहत्तर हज़ार रुपये में एलाट बताया गया है 5 दुकानों को मात्र 50 हज़ार रुपये में एलाट बताया गया है सभी 12 दुकानों का प्रति माह किराया 500 रूपये महीना बताया गया है दूसरी जानकारी समाजसेवी ने यह चाही थी की नगर पालिका परिषद दुवारा पिछले 5 वर्षों में कितनी गुमटी ,चबूतरा एलाट किया गया है इन सभी का जमा किराया उनका नगर पालिका परिषद के साथ करार नामा का पूर्ण विवरण छाया प्रति के साथ चाहा था मगर जनसूचना अधिकारी अशोक कुमार तिवारी ने जानकारी दी है कि 41 गुमटियां एलाट की गई है जिसका प्रति माह किराया 10900 रुपया दिखाया है 19 चबूतरा एलाट बताया है जिसका प्रति माह किराया 5700 रूपये बताया गया है जबकि नगर पालिका परिषद क्षेत्र में सैकड़ों गुमटियां रखी हैं वह किसके आदेश से रखी गई है और उनका किराया कौन लेता है तीसरी जानकारी समाजसेवी ने यह चाही थी कि नगर पालिका परिषद दुवारा जो मैरेज हाल का निर्माण कराया गया है उसके बगल में वाहन खड़ा करने के लिए गैराज किसके नाम एलाट है इस बारे में जनसूचना अधिकारी ने बताया है कि कोई गैराज ही नहीं है न ही किसी के नाम एलाटमेंट है जबकि नगर पालिका परिषद का ही एक कर्मचारी गैराज बनाकर अपना वाहन खड़ा करता है चौथी जानकारी यह मांगी थी कि पुरानी बाजार वार्ड संख्या 14/13 में मांस मंडी किस लाइसेंस पर किसके आदेश पर चलाई जा रही है जानवर कहाँ से आकर कटते और बिकते हैं इस पर जनसूचना अधिकारी ने बताया है कि पालिका प्रशासन ने कोई भी लाइसेंस जारी नहीं किया है बगैर लाइसेंस के मांस मंडी किसके आदेश से चलाई जा रही है तथा जानवर कहाँ से आकर कटते और बिकते हैं इसकी सूचना नगर पालिका प्रशासन को नहीं है 5वीं जानकारी जो मांगी गई थी कि नगर पालिका प्रशासन दुवारा नगर क्षेत्र में जनरेटर दुवारा मरकरी लाइट जलाती है इस पर प्रति माह डीजल आदि का खर्च कितना आता है आज से 1 वर्ष पूर्व का पूर्ण खर्च की जानकारी बिल की छाया प्रति के साथ चाही थी इस पर जनसूचना अधिकारी ने बताया कि प्रति माह इस पर 42664 रूपये का खर्च आता है इस प्रकार वर्ष 2016-17 में कुल खर्च 511966 हुवा है समाजसेवी ने बताया कि जब उनके दुवारा 23-5-2013 में इन 12 दुकानों के बारे में सुचना मांगी थी तो उस समय प्रति दुकान जमानत धन राशि प्रति दुकान 50 हज़ार रुपये बताई गई थी  मांस मंडी के लाइसेंस के बारे में तब यह बताया गया था कि कुल 147 लाइसेंस नगर पालिका प्रशासन की तरफ से जारी किए गए हैं अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि पूर्व 2013 में जो जानकारी दी गई थी वह सही थी की जो अब जानकारी दी गई है वह सही है समाजसेवी राशिद अली का कहना है कि नगर पालिका परिषद के जनसूचना अधिकारी दुवारा दी गई दोनों जानकारियां फर्जी है सही जानकारी को छुपाकर फर्जी जानकारी दी गई है ज्ञात हो की नगर पालिका प्रशासन दुवारा बनवाई गई सभी 12 दुकानों को किसी से 3 लाख किसी से 5 लाख रुपए लेकर एलाट की गई हैं और अभिलेखों में कम रुपया दर्ज किया गया है मेन रोड पर 500 रूपये महीने पर नानपारा में कही भी दुकान नहीं मिलती हैं प्रति दुकान का किराया 3 हज़ार रुपये से अधिक है मगर लिखा पढ़ी में 500 रूपये महीना दिखया गया है पुरानी बाजार में नो ड्यूज नगर पालिका दे रही है लाइसेंस जारी करने के लिए और जवाब देती है कि कोई जानकारी नहीं है।

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