Monday, September 16, 2019

डिफेक्टेड एजुकेशन सिस्टम ही समाज की इस दुर्दशा का ज़िम्मेदार है~डा नज़र

यूसुफ अंसारी (NNI Coverage तहसील संवाददाता)
लखीमपुर खीरी, उ0प्र0। आज नवजवानो में बढ़ रही अपराधिक प्रवृति तथा संस्कारो में गिरावट defected शिक्षा प्रणाली की देन है । शिक्षा जागरूकता अभियान के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए ये बात फातिमा फाउंडेशन ऑफ एजुकेशन के के डायरेक्टर डा नज़र अंसारी ने कहीं। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा को ग़लत दिशा मिलने के कारण सब उल्टा पुल्टा हो रहा है। सदियों से चला आ रहा पाठ्यक्रम जिसमे आज भी विलोम शब्द पढ़ाने में जाने अंजाने में जो चूकहो रही है वह सारा कुछ समाज में चल रहा है।
आदमी का विलोम औरत, नौकर का विलोम मालिक, लड़का का लड़की, चांद का उल्टा सूरज, पति का विलोम पत्नी।
नेचर के फेब्रिक में ये एक दूसरे के उल्टा है या पूरक हैं? पर आज की हमारी शिक्षा इसे उल्टा बता रही है। परिणाम सब उलट पुलट ही हो रहा है। ये शिखा प्रणाली इंसानियत की रगों में इस महत्व पूर्ण कैंप्लिमेंतरी विषय को उल्टा करके भर रहा है।
विलोम शब्द पढ़ाने के नाम पर ये defected विचार धारा कैसे बेहतर समाज खड़ा करेगी? समझना पड़ेगा।
यह धरती है। इस पर करोडो़ं प्राणी समान रूप से स्वतंत्रता रखते हैं। कोई किसी का राजा नहीं, कोई किसी का गुलाम नहीं। कोई किसी का मालिक नहीं और कोई किसी का नौकर नहीं।सभी एक - दूसरे से जुडे़ हुए हैं और एक - दूसरे पर निर्भर हैं। एक - दूसरे के जीवन में समान रूप से योगदान देते हैं, पूरक है। अगर मालिक खुद को नौकरों से ऊपर समझता है तो यह उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलतफहमी है; साबित करने के लिए एक बार अपने आलीशान महल को नींव से लेकर ऊपरी शिखर तक देख लें जो इन नौकरों और मजदूरों ने खड़ा किया है या सिर्फ एक दिन बिना नौकरों के रहके दिखाए सारी मालिकगिरी धराशायी हो जाएगी। क्योंकि सभी एक - दूसरे पर निर्भर हैं। उल्टा अथवा विलोम नहीं हो सकते। इन्हे उल्टा के रूप में समाज समाज को देना दुर्भाग्य पूर्ण है।
          यहां हर कोई एक दूसरे का पूरक है ना कि उल्टा ये समझना होगा और यही समझाना भी होगा तभी बेहतर समाज की कल्पना की जा सकती है। कार्यक्रम में काफी तादाद में छात्र अभिभावक नागरिक व पत्रकार मौजूद रहे। ज्ञात हो कि फातिमा फाउंडेशन की तरफ से वर्षों से न केवल निशुल्क एजुकेशन इंस्टीट्यूट चलाया जा रहा है जहां पर काफी तादाद में बच्चे इंग्लिश की शिक्षा निशुल्क प्राप्त कर रहे है बल्कि फातिमा फाउंडेशन के चेयरमैन के अथक प्रयासों से समय समय पर शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते है ताकि लोगो में शिक्षा के प्रति रुचि पैदा हो।

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