राशिद अली/डॉ0 शकील अंसारी (NNI Coverage संवाददाता)
बलहा/नानपारा (बहराइच) उ0प्र0। जनपद के तहसील नानपारा के नगर पालिका परिषद के अंतर्गत मोहल्ला बेलदारान टोला में स्थित कस्बें का सबसे बड़ा और पुराना इस्लामिक इदारा अंजुमन इस्लामिया की कस्बें में बहुत सी संपत्ति पड़ी है इन तिज़ामिया कमेटी के धयान न देने के कारण मदरसे की अधिकतर संपत्तियों पर अवैध रूप से कब्ज़ा किया जा रहा है सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कस्बें में अंजुमन इस्लामिया की संपत्ति स्टेशन रोड,बहराइच रोड पर तालाब,पुरानी बाजार में राजा सहादत अली की कोठी के पीछे स्थित तालाब जैसी बहुत सी सम्पति पड़ी हुई है मगर मदरसे की कमेटी दुवारा इस तरफ ध्यान न देने के कारण इनका अस्तित्व ख़त्म होने के कगार पर है मदरसे के पास इतनी सम्पति होने के बावजूद इस मदरसे में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों को कभी कभार पेट भरने के लिए खाना भी मुहैया नहीं हो पाता है वर्तमान समय में मदरसे में छात्रों को खाना बनाकर देने वाला कोई रसोइया भी नहीं है यहाँ पर पढ़ने वाले बच्चे जैसे तैसे अपने हाथ से खाना बनाकर अपना पेट भरने को मजबूर हैं।
बलहा/नानपारा (बहराइच) उ0प्र0। जनपद के तहसील नानपारा के नगर पालिका परिषद के अंतर्गत मोहल्ला बेलदारान टोला में स्थित कस्बें का सबसे बड़ा और पुराना इस्लामिक इदारा अंजुमन इस्लामिया की कस्बें में बहुत सी संपत्ति पड़ी है इन तिज़ामिया कमेटी के धयान न देने के कारण मदरसे की अधिकतर संपत्तियों पर अवैध रूप से कब्ज़ा किया जा रहा है सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कस्बें में अंजुमन इस्लामिया की संपत्ति स्टेशन रोड,बहराइच रोड पर तालाब,पुरानी बाजार में राजा सहादत अली की कोठी के पीछे स्थित तालाब जैसी बहुत सी सम्पति पड़ी हुई है मगर मदरसे की कमेटी दुवारा इस तरफ ध्यान न देने के कारण इनका अस्तित्व ख़त्म होने के कगार पर है मदरसे के पास इतनी सम्पति होने के बावजूद इस मदरसे में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों को कभी कभार पेट भरने के लिए खाना भी मुहैया नहीं हो पाता है वर्तमान समय में मदरसे में छात्रों को खाना बनाकर देने वाला कोई रसोइया भी नहीं है यहाँ पर पढ़ने वाले बच्चे जैसे तैसे अपने हाथ से खाना बनाकर अपना पेट भरने को मजबूर हैं।
बताते चलें कि पुरानी बाजार में स्थित मदरसे का तालाब ख़त्म होने के कगार पर पहुँच चूका है तक़रीबन 15-20वर्ष पूर्व इस तालाब का छेत्रफल काफी अधिक था इसमें मछली पालन करने के साथ ही उसका ठेका भी मदरसे की तरफ से दिया जाता था इस तालाब में धोबी कपडा भी धोने आते थे धीरे धीरे करके इसमें मछली पालन करने का कार्य भी बंद कर दिया गया और तालाब का पानी कम होता गया इस तालाब में पेड़ पौधे उगने लगे और इसका फायदा मोहल्ले वालों ने उठाना शुरू कर दिया इस तालाब के चारो तरफ जो भी मकान बने हुए थे उन मकान मालिकों ने तालाब की देख भाल न होने के कारण उसको पाट, पाट कर कब्ज़ा करना शुरू कर दिया और तालाब को पाट कर धीरे, धीरे अपना मकान बढ़ाते चले गए चारो तरफ बने मकान वालों ने कब्ज़ा शुरू कर दिया और वर्तमान समय में तालाब का एरिया बहुत ही कम बचा है अगर अंजुमन इस्लामिया ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया तो वह दिन दूर नहीं जब तालाब का अस्तित्व ही ख़त्म हो जाएगा मदरसा इन तिज़ामिया कमेटी कभी भी इस तालाब या अपनी कोई और सम्पति का निरक्षण करने गई हो वर्तमान समय में अंजुमन इस्लामिया का अध्यक्ष एक राजनितिक व्यक्ति को बना दिया गया है जिस कारण जो पुराने और सच में मदरसे के वफादार थे उन लोगों ने मदरसे से किनारा कसना शुरू कर दिया है आज ऐसा समय आ गया है कि सबसे बड़ा मदरसा और सबसे ज्यादा सम्पति होने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहा है लोग अपने बच्चों को इस मदरसे में दाखिला करवाने में भी झिझक रहे हैं यहाँ यह भी बताना ज़रूरी है कि विगत दिनों पूर्व राहत जनता इंटर कॉलेज प्रबंध समिति ने कॉलेज के बगल में स्थित दरगाहे गौसिया की वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर कब्ज़ा करना शुरू कर दिया था मगर जब मोहल्ले वासियों और दरगाह प्रबंध समिति के लोगों को जानकारी प्राप्त होई तो उन लोगों ने इस अवैध क़ब्ज़े का विरोध शुरू कर दिया था तथा स्थानीय प्रशासन से लेकर शासन स्तर पर शिकायत दर्ज कराई तब वक्फ बोर्ड हरकत में आया और अपनी टीम भेज कर मौका मुवायना कराया गया वर्तमान समय में इस वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर हो रहा अवैध निर्माण कार्य बंद हो गया है मगर अंजुमन इस्लामिया कमेटी में राजनितिक व्यक्ति के अध्यक्ष बनने से पूर्व में कमेटी में शामिल रहे लोग नाराज़ चल रहे हैं और वर्तमान कमेटी के अध्यक्ष को इस बात की कोई फ़िक्र ही नहीं है कि मदरसे की संपत्तियों पर कब्ज़ा किया जा रहा है अगर ऐसा ही चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं की मदरसे की संपत्तियों का अस्तित्व ही समाप्त हो जायेगा।

No comments:
Post a Comment