डॉ0 शकील अंसारी (NNI Coverage तहसील संवाददाता)
नानपारा/बहराइच (उ0प्र0)। महज छः दिन पूर्व आई सरयू नदी की बाढ़ ने गढ़ी घाट पुल के पूर्वी हिस्से को अपनी गिरफ्त में ले लिया। अगल-बगल गांव के लोगो ने बांस ठाठी बनाकर आने जाने का साधन बनाया है। विकास खण्ड शिवपुर क्षेत्र के नेवादा गांव के पूरब गढ़ी घाट पुल का निर्माण बसपा सरकार में रहे विधायक स्व0 वारिस अली ने करोड़ो रूपये की लागत से पक्का पुल बनवाया था। 5 वर्ष पूर्व आई सरयू नदी की भयंकर बाढ़ से नेवादा गांव का डामरी सड़क कट कर नदी में समाहित हो गयी थी। इस प्रकरण को लेकर स्व0 वारिस अली पूर्व विधायक की देख रेख में पुल बचाव, सड़क बनाव के नारे पर कई गांव पंचायतों के प्रधानो ने मिलकर 14 दिन लगातार धरना प्रदर्शन करके शासन को अवगत कराया जिस पर शासन ने इस प्रकरण को संज्ञान में लेकर 4 करोड़ 56 लाख 72 हजार रूपये सड़क बनवाने के लिए मन्जूर किये।
अवमुक्त धन को सरयू नदी की धारा को मोड़ने के लिए धन का उपयोग किया लेकिन कामयाब नही हुआ गांव निवासी श्री चन्द्र यादव, नन्दलाल गुप्ता, नेवादा प्रधान बुद्धी लाल वर्मा सहित कई दर्जन लोगो ने बताया कि आये दिन गढ़ीघाट पुल का पूर्वी हिस्सा थोड़ी सी बाढ़ आने से नदी में समा जाता है। नानपारा से रामपुर के बीच गढ़ीघाट पुल का एप्रोच मार्ग कटने से नेवादा, रायगंज, रामपुर, दलजीतपुरवा, अरनवा, डल्लापुरवा, गिरदा, बैवाही, खैरी समैसा, दौलतपुर, पिपरिया आदि लगभग एक दर्जन ग्राम पंचायतो के सैकड़ो मजरो के लोगो का पैदल आना जाना बन्द हो जाता है। क्षेत्र में अगर कोई इर्मेजेन्सी में मरीज को तहसील मुख्यालय ले जाना हो तो लगभग 40 कि0मी0 का सफर करके तहसील मुख्यालय तक पहुचा जा सकता है। जबकि नेवादा से नानपारा की दूरी लगभग 8 कि0मी0 की है। गांव के लोगो ने बताया इस एप्रोच मार्ग को पी0डब्लू0डी0 विभाग की तरफ से दो बार इसको पाटने के लिए ईट व मिट्टी का प्रयोग किया गया लेकिन सफल नही हुआ गांव के लोगो ने शासन से आपको एप्रोच मार्ग को मजबूत बनवाने की मांग की।


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