श्रीमती आर लक्ष्मी (NNI Coverage : GMC)
नई दिल्ली/भारत। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज बेंगलुरु में लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट 'तेजस' में उड़ान भरेंगे, दो सीटों वाले स्वदेश निर्मित इस लड़ाकू विमान में रक्षा मंत्री सुलूर एयर फोर्स स्टेशन से उड़ान भरेंगे। आपको बता दें कि 'तेजस' एक लड़ाकू विमान है, जिसे कि हिंदुस्तान एरोनोटिक्स लिमिटेड ने तैयार किया है, 83 'तेजस' विमानों के लिए एचएएल को करीब 45 हजार करोड़ रुपए मिलेंगे, एचएएल अब तक 16 एलसीए तेजस लड़ाकू विमान का निर्माण कर वायुसेना को सौंप चुका है।
इस बारे में जानकारी देते हुए नौसेना के उपाध्यक्ष वाइस एडमिरल जी अशोक कुमार ने कहा कि रक्षा मंत्री भारतीय नौसेना के साथ एक दिन के लिए 20 सितंबर को मुंबई में होंगे, उस दिन पी -75 पनडुब्बी आईएनएस खांदेरी, पी -17 अल्फा जहाज नीलगिरि और भारतीय नौसेना के सबसे बड़े विमान वाहक ड्राईडक को नौसेना में शामिल करने की योजना बनाई गई है।
तेजस विमान की खासियत इसकी रफ्तार और हल्का वजन है, सबसे बड़ी बात ये कि देश में तैयार किए गए तेजस की गिनती दुनिया के चंद सबसे खतरनाक लड़ाकू विमानों में हो रही है। करीब नौ टन के वजन वाला तेजस एक सुपर सोनिक फाइटर जेट है जो 15 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ सकता है। एचएएल ने नए तेजस विमान को जैमर-प्रोटक्शन तकनीक से लैस किया है ताकि दुश्मन की सीमा के करीब उसका कम्युनिकेशन जाम ना हो पाए।
इसके निचले हिस्से में एक साथ 9 तरह के हथियार लोड और फायर किए जा सकते हैं, इन हथियारों में हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, हवा से धरती पर मार करने वाली मिसाइल, हवा से पानी पर हमला करने वाली मिसाइल, हवा से हवा में दूसरे लड़ाकू विमानों को मारने वाली लेजर गाइडेट मिसाइल, रॉकेट और बम शामिल है।

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