ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव (NNI Coverage न्यूज एंकर)
लखनऊ, उ0प्र0। सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास करने वालों पर पुलिस की नजर टिक गई है। ऐसे तत्वों के खिलाफ रविवार को पुलिस ने अलग-अलग जिलों में कुल 14 मुकदमे दर्ज किए हैं। डीजीपी ओपी सिंह ने ऐसे लोगों के खिलाफ और सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया पर साजिश रचने वालों के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत निरुद्ध किया जाएगा।सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे पोस्ट प्रसारित किए जा रहे हैं, जिसमें शांति व्यवस्था भंग करने की साजिश नजर आ रही है।
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेल एवं साइबर क्राइम यूनिट ने इसे गंभीरता से लेते हुए 67 सोशल मीडिया एकाउंट्स को ब्लॉक करा दिया है। हरदोई, अंबेडकरनगर, प्रतापगढ़, देवरिया, सहारनपुर, हमीरपुर में एक-एक, औरैया, प्रयागराज में दो-दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा साइबर यूनिट ने लखनऊ में चार मुकदमे पंजीकृत किए हैं। पिछले 24 घंटे में 14 मुकदमे दर्ज कर पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया कि अफवाहबाजों और षड्यंत्रकारियों को वह बख्शेगी नहीं।लखनऊ में कमलेश तिवारी हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह के संदेश भी लगातार वायरल हो रहे हैं। साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की जा रही हैं। डीजीपी ने लोगों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। डीजीपी का कहना है कि सौहार्द बिगाड़ने व अफवाहें फैलाने वाले मैसेज वायरल करने वालों को एसटीएफ चिह्नित कर रही है। ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई होगी।

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