अखिलेश श्रीवास्तव (NNI Coverage जनपद ब्यूरो)
बहराइच, उ0प्र0। बहराइच व लखीमपुर खीरी कतरनियां घाट वन रेंज के बार्डर पर मझरा जंगल से सटे खेत मे काम कर रहे शीलू उर्फ सरजीत सिंह पुत्र दिलीप सिंह निवासी खैरी गौढी ग्राम दलराज पुर थाना कोतवाली तिकुनियां को जंगल से निकले शेर ने अपना निवाला बना लिया।
जानकारी के अनुसार सरजीत सिंह पर शेर ने उस समय हमला किया जब वह अपने खेत के कोने पर बैठा कुछ काम कर रहा था तभी अचानक शेर जंगल से निकल कर उस पर हमला कर दिया। और सरजीत सिंह का गला दवोच कर फुर्ती के साथ जंगल के किनारे वने नाले मे घसीट कर ले गया।यह सब शेर ने इतनी जल्दी से किया कि कुछ दूर ही खेतो मे काम कर रहे ग्रामीण व पशु चरा रहे चरवाहो तक को इस बात की भनक भी नही लगी कि सरजीत सिंह को शेर उठा कर ले गया।लगभग दो घंटे बाद जब लोगो ने सरजीत को आवाज दी तब जवाब न मिलने पर लोगो ने जाकर देखा तब खेत के किनारे खून और शेर के पंजो के निशान के साथ घसीटने के निशान देखने पर ग्रामीणो को शंका हो गयी। तभी ग्रामीणो ने मिल कर शोर मचाते हुये नाले के किनारे जिस तरफ घसीटते हुए ले गया उस तरफ जिधर ताजे खून निशान व रगड़ने रास्ते के सहारे आगे बढे तब उन्होने देखा शेर सरजीत सिंह की जांघ के पास बैठा खा रहा था। ग्रामीणो ने तत्काल और ग्रामीणो को सूचना देकर मौके पर बुलाया और वन रेज बेलरांया तथा तिकुनियां कोतवाली को सूचना दी। सूचना मिलते ही बेलरांया रेंजर दिनेश बडोला ,वन दरोगा सुरेंद्र कुमार के साथ वन कर्मी मौके पर पहुंचे और शोर शराबा करके शेर से सरजीत सिंह के शव को छुडा कर शव को नाले से बाहर निकाला गया।
तिकुनियाँ कोतवाली की पुलिस ने शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेजा।मौके पर ग्रामीणो को शांति करते हुये। रेंजर दिनेश बडोला ने कहा है कि शेर हमले मे मारे गये सरजीत सिंह के परिवार को वन विभाग द्वारा तय की गयी मुआवजा राशि अतिशीघ्र दिलाने की कोशिश करेंगे। वन दरोगा सुरेंद्र सिंह ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों को शेर हमले से बचाव के बारे मे जानकारी देते हुये कहा है कि ग्रामीण सुबह व शाम को अकेले खेतो की तरफ न जाये और खेतो मे काम करने के दौरान जत्था बना कर जाये और आपस मे बातचीत करते रहे।खेतो मे झुंड बना कर रह रहे किसान अपने यहां कुछ आग जला कर रखे।

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