Monday, January 13, 2020

जनरल क़ासिम सुलैमानी भारत के मददगार : मौo अब्बास रिज़वी

डॉ0 शकील अंसारी (NNI Coverage तहसील संवाददाता)
नानपारा, बहराइच (उ0प्र0)। इस समय पूरी दुनिया में मेजर जनरल शहीद क़ासिम सुलैमानी की याद मनाई जा रही है।जनरल सुलैमानी और जनरल अबू महदी मुहंदिस समेत अमरीकी आतंकी हमले में शहीद होने वालों की याद में सज्जादिया इमामबाड़े नानपारा में मजलिस का आयोजन किया गया जिसमें हिंदुस्तान जिंदाबाद अमेरिका और इजराइल मुर्दाबाद के नारे लगे। मजलिस  को खिताब करते हुए मौलाना एस हैदर अब्बास रिज़वी ने अमरीकी दादागिरी और हिटलर शाही की आलोचना करते हुए  कहा की जनरल क़ासिम ने मानवता की रक्षा के लिए ख़ुद को कुर्बान कर दिया।ईरान और भारत के आपसी सम्बन्ध हमेशा ही अच्छे रहे और २०१४ में इराक़ के तिकरीत शहर में आई एस आई  जैसे आतंकी संगठन की गिरफ्त से भारतीय नर्सों को  जनरल क़ासिम सुलेमानी ने आज़ाद करा के भारत रवाना किया था।कलभूषण जाधव मामला हो या चाबहार जनरल सुलैमानी ने हमेशा भारत का साथ दिया।
विश्व विख्यात मौलाना हैदर अब्बास ने कहा की  हम कर्बला से जीने और मरने का हुनर सीखते हैं। हमें मौत और शहादत से नहीं डराया जा सकता है।अमरीकी दादागीरी का दौर अब ख़त्म हो रहा है।ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह ख़अमनेई के बेहतरीन नेतृत्व की तारीफ़ करते हुए बयान किया के आज ईरान कई दिशा में आगे बढ़ रहा है ख़ास कर शिक्षा  के मामले में बहुत कामयाब है।अमरीका को ईरानियों की शिक्षा से डर है। मौलाना हैदर अब्बास ने  यह भी कहा कि आज पूरी दुनिया में  शहीदों की याद में सभाओं का आयोजन हो रहा है।ये इस बात का सबूत है के शहीद का ख़ून राएगा नहीं जाता है। मौलाना ने इराक़ से अमरीकी सैनिकों के ठिकाने ख़त्म होने की उम्मीद जताते हुए  कहा हमारे मुल्क का मीडिया अगर जनरल क़ासिम सुलैमानी को आतंकी लिखे या कहे तो ये दर्शाता है के वो अमरीका की भाषा बोल रहा है नहीं तो जो जनरल ईरान इराक़ सीरिया यमन जैसे मुल्कों से आतंकी संगठनों का सफ़ाया करे वो आतंकी नहीं हो सकता है। मजलिस में लोगों ने अमरीका मुर्दाबाद और इसराईल मुर्दाबाद के नारे लगाए साथ ही हिंदुस्तान ज़िंदाबाद के नारों से इमामबाड़ा सज्जादिया गूंज उठा। इस मजलिस में  मुख्य रूप  से आबिद हुसैन,कलीम अब्बास,अली हुसैन,सुरूर अब्बास मौजूद रहे।

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