श्रीमती आर लक्ष्मी (NNI Coverage : GMC/MD)
नई दिल्ली/भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में छात्रों के साथ 'परीक्षा पे संवाद किया। इसमें राजधानी लखनऊ के तीन मेधावियों केंद्रीय विद्यालय आरडीएसओ से 12वीं के छात्र सत्यम कुमार, केंद्रीय विद्यालय मेमोरा एयरफोर्स स्टेशन के रत्नेश कुमार और वरदान इंटरनेशनल अकादमी की रिजा हुसैन का सपना साकार हुआ। बीते बीते शनिवार (18 जनवरी) को तीनों छात्र दिल्ली के लिए रवाना हुए। छात्रों ने जहां प्रधानमंत्री से रूबरू होकर परीक्षा को लेकर सक्सेस मंत्र लिए, वहीं राजधानी के स्कूलों में पोजेक्टर पर संवाद को सुना। टिप्स व मंत्र हासिल कर छात्र लाभांवित हुए। इसी बीच राजकीय जुबिली कॉलेज के कक्षा 12वीं के छात्र मो. सुहेल ने बताया कि संवाद को सुनकर इस बात की प्रेरणा मिली कि किसी भी विषय को खुले मन से सोच समझकर करने से तो वह हमेशा सक्सेसफुल होगा। हमें पूर्ण रूप से ज्ञान होता है। पीएम ने संवाद में परीक्षा के डर को कम करने का मंत्र दिया, जिससे काफी हद तक गुल हो गया। उनका संवाद प्रेरणादायक रहा है।
परीक्षा में परिवार व शिक्षकगण का माक्स को लेकर दबाव रहता है कि 90 प्रतिशत से कम न हो। इसपर प्रधानमंत्री जी ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि नंबर ही जीवन है। माक्स की लालसा को छोड़कर यदि किसी भी फील्ड में अच्छे कार्य कर रहे हैं तो वह कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण होगा। उन्होंने यह भी बताया कि जो प्रश्न पहले आ रहा हो उसे पहले करें। अगर कोई छात्र एक परीक्षा में फेल हो जाता है तो परिवार वालों को उसका हौसला बुलंद करना चाहिए। ताकि वह आगे की परीक्षा में अच्छे से कर सके।छात्र अमित कुमार ने बताया कि मुझे संवाद से काफी कुछ सीखने को मिला। सबसे ज्यादा यह बात प्रभावित की है कि परीक्षा में टेंशन लेने पर पीएम ने समझाया कि टेंशन लेने से बचना चाहिए। इस दौरान हम कई चीजें भूल जाते हैं। उस वक्त एक-दो मिनट के लिए मस्ती का मूड बनाए रखें। फिर पेपर भी अच्छे से हल होगा।परीक्षा पर चर्चा विषय में चयनित हुए राजधानी के रत्नेश कुमार मिश्रा निवासी मोहनलालगंज मेमोरा स्थित केंद्रीय विद्यालय से 12वीं के छात्र हैं। रत्नेश कहते हैं कि पीएम मोदी से राय मिली कि अगर मेहनत करने के बाद भी किसी परीक्षा प्रणाली एवं जांच प्रक्रिया में चयन नहीं होता है तो हम लक्ष्य से न भटके कार्य में निरंतर लगे रहें। सक्सेसफुल जरूर होंगे। इसके अलावा पीएम मोदी ने बताया कि नंबर ही जीवन नहीं है। माक्स को छोड़कर जो भी कार्य करेंगे, उसमें सफलता मिलेगी। पीएम को सामने देख रत्नेश बहुत ही खुश हैं। रत्नेश के पिता एक विद्यालय में शिक्षक हैं।

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