सरफराज अहमद सिद्दीकी (NNI Coverage नगर संवाददाता)
नानपारा नगर/बहराइच, उ0प्र0। 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल मुख्यालय अगैया में वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेन्ट शैलेश कुमार के नेतृत्व में कस्टम कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें कस्टम रूपैडिहा के अधीक्षक सी.एम. तिवारी के जवानो को कस्टम की धाराओं के बारे में जवानों को अवगत कराया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कस्टम और एस.एस.बी. के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। श्री तिवारी ने बताया की पुरानी जमाने में भी राजा किसानो से टैक्स के रूप में किसानों से फसल का एक तिहाई भाग ले लिया करते थे। जो कर का ही एक उदाहरण था। उन्होंने कर के प्रकार के बारे में बताया कि कर दो प्रकार का होता है एक प्रत्यक्ष कर और दूसरा अप्रत्यक्ष कर तथा इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी। सीमा पर तैनात जवानो को कस्टम के किन किन धराओं का अधिकार दिया गया है। इसके बारे में भी पूरी जानकारी दी। कस्टम एक्ट 1962 की धारा 100 से लेकर 124 तक के बारे में बताया। मुख्य रूप से धारा 100 के तहत सन्दिग्ध व्यक्ति की तलाशी लेना 104 के तेहत अरेस्ट करना तथा 106 के तहत वाहन चेक करना। साथ ही आयत निर्यात से सम्बंधित जरूरी दस्तावेजो के बारे में सीमा पर जब्ती किये हुए सामानों को कैसे जमा करने, सीमा पर अनजाने में क्या क्या गलतियाँ हो सकती है। इसके बारे में एवं भारत नेपाल के ट्रंाजिट रूप के बारे में भी बताया गया। उन्होंने बताया कि कोराना वायरस का कहर दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। जिसे नियंत्रित करने सम्बंधी को उपचार नही है। बचाव के लिए मास्क की आवश्यकता भारत को ज्यादा है। इस लिए मुख्यतः मास्क के निर्यात नही होने देने संबधी हिदायत दी। अंत में जवानो ने सवाल भी किये जिसका श्री तिवारी ने कुशलतापूर्वक जवाब दिये। इस कार्यशाला में सहायता कमांडेन्ट जगजीत बहादुर जगवार, निरीक्षक जे.के. त्रिपाठी निरीक्षक कस्टम हितेन्द्र कुमार, निरीक्षक रमेश कुमार ग्वाला, सहायक उपनिरीक्षक गिरधर गोपाल, इमरान सहित वाहिनी के सभी जवान मौजूद थे।

No comments:
Post a Comment