Tuesday, February 18, 2020

ट्रेनों का संचालन बंद होने के बाद बिछिया में प्रदर्शन करते यात्री

डॉ0 शकील अंसारी (NNI Coverage तहसील संवाददाता)
नानपारा, बहराइच (उ0प्र0)। गोंडा मैलानी रेल प्रखंड पर अंग्रेजों के जमाने से चलाई जा रही ट्रेनों का संचालन 132 वर्षों बाद 16 फरवरी 20 20 को बंद कर दिया गया  जिसको लेकर पूरे क्षेत्र में प्रदर्शन  हो रहे हैं लोगों में खासी नाराजगी है  मालूम हो कि  नानपारा और  मैलानी के बीच  काफी क्षेत्र में  जंगल है और जंगलों के बीच से  अंग्रेजों के समय लाइन बिछाई गई थी  पिछले कई वर्षों से  वन विभाग के अधिकारी  और  प्रमुख सचिव वन  वन्यजीवों के  रेल के नीचे कट जाने  और दुर्घटना में घायल होने  आदि मामले को लेकर  कोर्ट में  याचिका दायर कर रखी थी कि 2017 में कोर्ट ने रेल प्रशासन एवं प्रमुख सचिव वन को आदेशित किया था कि  ट्रेनों का का संचालन वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कराया जाए शिफ्टिंग किया जाए परंतु ट्रेनों का संचालन बंद करने का कोई आदेश नहीं था जबकि वन विभाग और रेल प्रशासन ने जन भावनाओं को ध्यान में ना रखते हुए 16 फरवरी को नानपारा और मैलानी के बीच ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया जिसको लेकर जगह जगह लोगों ने प्रदर्शन करके अपनी नाराजगी का इजहार किया दूसरी ओर बहराइच और लखीमपुर के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हाईकोर्ट में जनहित याचिकाएं दायर की जिन पर बहस के बाद जस्टिस भंडारी ने वन विभाग के प्रमुख सचिव से जवाब तलब  करते हुए उन पर ₹25000 का जुर्माना भी ठोका साथ ही रेल प्रशासन से यह भी पूछा कि किस आदेश पर ट्रेनों का संचालन बंद किया गया कोर्ट द्वारा किए गए हस्तक्षेप के बाद रेल प्रशासन ने ट्रेनों के संचालन के संबंध में एक सप्ताह का समय मांगा है। आप लोगों को उम्मीद है कि 16 फरवरी से बंद की गई ट्रेनों का संचालन एक सप्ताह में शुरू हो जाएगा। रेल संचालन के लिए किए गए प्रयासों में बहराइच के सांसद अक्षयवर लाल गौड़  और उनकी टीम का सहयोग रहा है।  अंग्रेजों के जमाने से चलाई जा रही ट्रेनों का संचालन शुरू  कराने के लिए कोर्ट के आदेश का स्वागत किया गया है। स्वागत करने वालों में दैनिक रेल यात्री संघ के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ,पवन तुलसियान, मंजूर उल हसन हाशमी, जन कल्याण एवं विकास संस्थान के केशव पांडे, मनोज तिवारी, कौमी एकता सोसाइटी के नौशाद खान आदि  शामिल है।

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