ब्रहमपाल सिंह यादव (NNI Coverage ब्यूरो UP वेस्ट)
उत्तरप्रदेश पश्चिमी (पीलीभीत)। तहसील कलीनगर क्षेत्र के गांव आसपुर जमुनिया में कोला बाबा श्री सीताराम मंदिर पर पूरनपुर से पधारे बाबा राघव दास महाराज के तत्वावधान में चार दिन से लगातार चल रहे कार्यक्रम में आचार्य चंद्र भूषण मिश्र ने एवं सहयोगी ब्राह्मणों द्वारा वैदिक ब्राह्मण प्रवीण कुमार शुक्ला मनु राम शास्त्री आदि ने मंत्रोच्चारण के द्वारा श्री राम दरबार प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतिम दिन वृहस्पतिवार सुबह को राम सीता लक्ष्मण हनुमान गणेष की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई इससे पहले ग्रामीणों ने ट्रैक्टर ट्रालियों से कोला बाबा सीताराम मंदिर आसपुर से शोभायात्रा का शुभारंभ कर माधोटांडा पीलीभीत रोड से होते हुए खासपुर जमुनिया के मुख्य मार्गों गांव से होते हुए शिव मंदिर ओड़ाझार सहित गांव के पांच मंदिरों में श्री राम दरबार को मेलापक के लिए ले जाया गया वहीं मंदिरों में पूजा अर्चना की गई अंत मे कोला बाबा श्री सीताराम मंदिर पर शोभायात्रा का समापन किया गया जिसमे गांव के नर नारियो सहित बच्चों ने बड़ी संख्या में बढ़चढ़ का हिस्सा लिया एक दिन पहले पंडित चंद्र भूषण के द्वारा मंदिर परिसर में हवन किया गया शोभा यात्रा के दौरान ट्रैक्टर ट्राली से गांव के ही युवकों के द्वारा राधा कृष्ण की झांकियां लगाकर ट्रालियों के साथ बड़ी से संख्या में डीजे के साथ भीड़ भक्ति गीतों में भक्त झूमते हुए गांव में भ्रमण करते रहे शोभायात्रा के दौरान ट्राली पर राम सीता लक्ष्मण की मूर्ति को विराजमान कर दिन भर गांवों एवं धार्मिक स्थलों पर घुमाया साथ ही साथ ग्रामीणो को प्रसाद का वितरण किया गया मंदिरों में पूजा अर्चना कर मूर्तियों को लाकर पुनः मंदिर में सैया पर विराजमान कराया गया दूसरे दिन प्रातः कालीन बेला में भगवान को गर्भ गृह में वैदिक रीति से स्थापित किया गया नत्थू लाल विश्वकर्मा ने मूर्तियों की स्थापना के समय स्वयं मूर्तियों को लगाने कार्य का किया कार्यक्रम में मुख्य रूप से संग्राम सिंह डालचंद महेश पाल अनोखेलाल ओम प्रकाश बाबा दीपचंद जयेंद्रसिंह ताराचंद परमेश्वरी दयाल लालता प्रसाद रामबहादुर महेंद्र वर्मा रामवीर देशपाल सिंह मुकेश मौर्य ओम प्रकाश वर्मा यश कुमार शर्मा श्री राम वर्मा गौरव गंगा देवी सरोज शर्मा गंगा देवी वर्मा प्रवीणा रेखा देवी लज्जा देवी सलोनी वीरमति देवी गुड्डी देवी मीरा देवी सहित आदि ग्राम वासीगणो ने भाग लिया।
आचार्य चंद्र भूषण मिश्र ने बताया कि मंदिर 4 मूर्तियों की स्थापना करने से पहले उनको पाषाणगत दोषदूरी कर्ण ग्रास शहद से स्नान कराया गया एवं अनाज में रखकर पहला आधिवास किया फलाद गृह में रखा गया धूप से वासित किया गया दूध से वासित करके सुगंधित द्रव से अथवा वस्त्रादिवास से ग्रस्त कराया गया वैदिक रीति चक्षु उन्मीलन करके प्राण प्रतिष्ठा की पूर्व प्रक्रिया प्राण प्रतिष्ठा का ही निमित्त है बाद में सभी मूर्तियों की स्थापना कर दी गई।
"चालीस बर्ष बाद बुजुर्गों की मनोकामना पूर्ण"
क्षेत्र के गांव आसपुर में लगभग चालीस पूर्व स्वर्गीय सीताराम ने मंदिर निर्माण के लिए लगभग एक वीघा अपनी ज़मीन दान की थी उसी समय नीव डाली गई थी गांव निवासी कोलाबाबा ने भी चार बीघा से ज्यादा जमीन मंदिर के नाम दान कर दी थी इन लोगो की मंशा थी कि मंदिर का निर्माण कर मूर्तियों की स्थापना की जाये गांव के लोगो अथवा गठित कमेटी के सहयोग से मंदिर निर्माण एवं मूर्तियों की स्थापना का कार्य हो गया है।

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