Sunday, March 15, 2020

जंगल से निकलकर गांव में घुसा भालू, बड़ा हादसा टला

ब्रहमपाल सिंह यादव (NNI Coverage ब्यूरो UP वेस्ट)
उत्तरप्रदेश पश्चिमी / पीलीभीत। जनपद की तहसील कलीनगर टाइगर रिजर्ब महोव रेंज के जमुनियां वन चौकी क्षेत्र के गांव न्यूरिया मल्लपुर गांव में शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे के करीब भालू घुस गया कई घंटों चहलकदमी करता रहा गनीमत रही कि किसी तरह की घटना नही घटी ग्रामीणों का कहना है कि गांव के रामचन्द्र कुशवाहा के घर के सामने चबूतरे पर उसके पग चिन्हों के निशान मिले वही गांव के उमाशंकर के घर की चारदीवारी न होने से घर मे भालू घुस गया बरामदे में सौ रहे रामचरन की चारपाई के इर्द गिर्द घूमता रहा आल्टो गाड़ी से सेल्हा बाबा का उर्स देखकर वापस घर जाते बक्त जमुनियां न्यूरिया मार्ग सरदार परगट सिंह के झाले के करीब भालू खड़ा देखा तभी गाड़ी पर सवार लोगो ने वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर बायरल कर दिया वीडियो में भालू गाड़ी के आगे आगे भागता हुआ नजर आ रहा अंत मे भालू गाड़ी को क्रॉस करते मल्लपुर न्यूरिया मार्ग पर कब्रिस्तान की झाड़ियों में घुस जाता है जब सुबह गांव के लोगो को इसकी जानकारी लगी तभी कई लोगो के दरवाजों एवं खुले घरों में उसके पगमार्गो के निशानों से बुजुर्गों ने पहचान कर भालू के होने की पुष्टि की है गांवों में भालू गुसने को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का बिषय बना हुआ है गांव बालो का कहना है कि कई लोगो ने भालू को देखा लेकिन रात में मौसम खराब होने से आसमान में बादल छाये हुए थे जिससे अंधेरे में भालू को लोग कुत्ता समाज रहे थे क्योंकि कुत्ते भालू को देख कर शोर शराबा कर रहे थे गांव में खुलेआम भालू की चहलकदमी से ग्रामीणो में दहशत का माहौल बना हुआ है लोग डरे हुए है वन विभाग ने इस ओर ध्यान नही दिया है तड़के बर्षा होने से गांव रास्तो में बने भालू के पग चिन्ह मिट चुके थे दिन के दो बजे तक कोई वनकर्मी गांव में नही पहुचा था।
       उमाशंकर कुशवाहा निवासी न्यूरिया ने बताया कि गांव मे भालू घूमता रहा मंदिर की रास्ते से होकर हमारे घर मे घुस गया सुबह तड़के देखा भालू के पगमार्गो के घर के अंदर तक निशान मिले परिवार सो रहा था कोई घटना नही घटी वन विभाग से मांग है जंगल से बाहर निकल रहे वन्यजीवों को रोका जाये जिससे कोई अप्रिय घटना न हो। रामचरन लाल निवासी न्यूरिया ने बताया कि भालू मेरी चारपाई के निकट घूमता रहा गांव के कई कुत्ते शोर शराबा करते रहे भालू को रात के अंधेरे में कुत्ता समझ रहे शायद चारपाई से उठते तो भालू हमला कर देता। ओमकार निवासी मल्लपुर ने बताया कि हम घर से खाना खाकर शाम साढ़े आठ बजे खेत पर गेहू की रखवाली करने जा रहे मल्लपुर के दक्षिण दिशा में बलदेव सिंह के झाले के करीब रास्ते मे भालू को देखा टॉर्च की लाइट लगाई शोर शराबा किया वह जंगल की ओर चला गया। नरबैल सिंह निवासी न्यूरिया ने बताया कि हम अपनी आल्टो गाड़ी से घर जा रहे तभी जमुनियां न्यूरिया मार्ग पर भालू मिला वह गांव की ओर जा रहा। कुलदीप शर्मा ने बताया कि अपने साथी के साथ घर जाते वक्त रास्ते मे भालू ने चार पहिया वाहन पर झपट की गाड़ी के सभी शीशे बंद होने से हादसा टल गया,भालू का इस तरह से जंगल से गांव की ओर आना खतरनाक है वन्यजीवों को जंगल से बाहर निकलने से रोका जाये। 

"जंगल से बाहर निकल रहे वन्यजीव,वन विभाग नही कर रहा पुख्ता इंतजाम"
         टाईगर रिजर्ब वन क्षेत्र के करीबी गांवों में आय दिन खतरनाक वन्यजीव का जंगल से बाहर निकल कर आना होता रहता जससे ग्रामीणो के लिए खतरा बना रहता है खतरनाक वन्यजीवों के द्वारा बीते बर्षो में कई ग्रामीणों को उनका निवाला वन कर जान गवानी भी पड़ गई लेकिन वन विभाग ने अभी तक वन्यजीवों को गांवों की ओर आने से रोकने के कोई ठोस कदम उठाने की जहमत नही समझी है बीते माह गन्ना फार्म कलीनगर में बाघ की चलहल कदमी देखी गई थी जिसकी बजह से महकमे को तीन चार दिन तक खाना पूरी कर बाघ को जंगल की ओर निकाल दिया था जंगली वन्यजीवों के द्वारा किसानों की फसलों को आय दिन उजाड़ दिया जाता जिसकी बजह से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है।

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