Monday, March 9, 2020

जाम का बड़ा दंश झेल रहे हैं इंडो-नेपाल बॉर्डर के बाशिन्दे

अखिलेश श्रीवास्तव (NNI Coverage जनपद ब्यूरो)
बहराइच, उ0प्र0। जनपद का अति महत्वपूर्ण क़स्बा इंडो-नेपाल बॉर्डर रुपईडीहा प्रति दिन लगने वाले जाम से छुटकारा नहीं पा रहा है यातायात व्यवस्था एकदम ध्वस्त है चूँकि क़स्बा रुपईडीहा इंडो-नेपाल बॉर्डर का आखरी क़स्बा होने के कारण अति व्यस्त और आवश्यक क़स्बा है जिस पर ख़ुफ़िया तंत्र की विशेष चौकसी रहती है मगर यहाँ पर लगने वाले प्रति दिन के जाम पर न तो स्थानीय प्रशासन और न ही जिला प्रशासन कोई ठोस कदम उठा पा रहा है बॉर्डर सीमा होने के कारण यहाँ पर बायपास और फ्लाई ओवर पुल बहुत ही जरुरी है मगर क़स्बे वासियों की कई वर्षों की मांग के बाउजूद शासन प्रशासन कोई कार्यवाही नहीं कर पा रहा है बताते चलें कि भारत देश के विभिन्न हिस्सों से प्रति दिन सैकड़ों की संख्या में भारी वाहन भाड़ा लोडकर नेपाल देश के लिए आते हैं एस एस बी चौकी से पेट्रोल पंपों तक वाहनों की लम्बी कतार लगी रहती है और सुबह होते ही इनकी पासिंग शुरू हो जाती है जो देर शाम तक जारी रहती है उसके ऊपर प्रति दिन हज़ारों की संख्या में छोटे चार पहिया वाहन, बाइक आदि नेपाल और क़स्बा के लिए आती हैं इस कारण विकराल रूप से जाम लगा रहता है और उसी जाम में पूरा दिन लोग फंसे रहते हैं चूँकि क़स्बा अति संवेदन शील है इस कारण प्रति दिन किसी न किसी उच्च अधिकारों का यहाँ पर दौरा होता है वह भी इस जाम का शिकार होते हैं मगर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जाती है भारतीय क्षेत्र के साथ ही नेपाली क्षेत्र से सैकड़ों की तादाद मे वाहनों और हज़ारों की संख्या में नेपाली नागरिकों का कस्बे में आवागमन होता है दोनों देशों से आने जाने वाले लोगों का सामने से टकराव होता है और जाम लग जाता है बताते चलें कि प्रदेश सरकार का कहना है कि यह बॉर्डर इलाका होने के कारण सड़क को अधिक चौड़ी नहीं की जा सकती है इस क़स्बे की सड़क अधिक चौड़ी नहीं है और उस पर भी इस क़स्बे में पटरी पर अधिक संख्या में दुकानें लगती हैं दोनों ओर की पटरी पर अवैध अतिक्रमण है और मुख्य मार्ग पर निजी और परिवहन विभाग का बस स्टैंड भी स्थापित है परिवहन विभाग की बसें जगह जगह बस रोक कर सवारियों उतारती हैं और यहाँ,पर तांगा, ई रिक्शा, रिक्शा टैम्पो आदि की संख्या भी अधिक है यह भी जाम का कारण बनते हैं तांगे वाले जहाँ पर मर्जी होती हैं सावरिया उतारते और बैठाते हैं नेपाली सवारियों को अपने साधन में बैठाने के लिए आपस में लड़ाई झगड़े भी किया करते हैं वह भी जाम का कारण बनता है क़स्बा निवासी,मेराज अहमद,सईद अहमद,रामगोपाल यादव, पवन सिंह, अच्चन हाशमी, रसीद अहमद,सेराज अहमद,राम कुमार,चन्ना,मोहम्मद अकरम, शादाब खान,संजय कुमार,नूर हसन,महबूब अली,चाँद बाबु,रियासत अली,मुजीब अहमद,विष्णु प्रसाद,शिव गुप्ता,जहीर हसन,आदि का कहना है कि यहाँ पर प्रति दिन लगने वाले जाम के कारण जीना दूभर हो गया है ठीक ढंग से वयापार भी नहीं हो पा रहा है स्थानीय प्रशासन को एक समय निर्धारित करना चाहिए कि गैर जनपदों से आने वाले भारी वाहनों  उसी समय सीमा में प्रवेश किया जाना चाहिए और समय के बाद प्रवेश बंद कर उनको क़स्बे के बाहर अपने वाहनों को खड़ा करने का आदेश जारी किया जाना चाहिए और जो हम लोगों की काफी समय से मांग है कि यहाँ पर फ्लाई ओवर, और बायपास का निर्माण कार्य कराया जाना चाहिए इस पर शासन को गंभीरता पूर्वक विचार करने की आवश्यक्ता है।

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