राशिद अली (NNI Coverage ग्राम्य संवाददाता)
बहराइच, उ0प्र0। सुजौली पीएससी में रियलिटी चेक के दौरान वहां पर कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं मिला और वहां पर चेकअप कराने आए कम से कम 10 लोग मौजूद थे जिनका सिर्फ रजिस्टर में नाम लिखा जा रहा था और पूछा जा रहा था आपको खांसी जुकाम बुखार की शिकायत तो नहीं है और नॉर्मल से पेरासिटामोल की गोली दे दी जाती है और बोला जाता है कि आपका चेकअप हो गया तो एक तरीके से सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है और अगर कोई मरीज होगा तो वह छिपा लेता है और बाहर से आने वाले लोगों की जांच ही नहीं हो पाती है हॉस्पिटल में जब कोई मिलता नहीं है तो वह वापस अपने गांव चला जाता है और जब इस बात को संज्ञान में लेकर सुजौली पीएससी फार्मेसिस्ट रितेश चंद्र मिश्रा से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने बढ़ खड़िया में हूं बता कर फोन काट दिया दोबारा जब उनसे कांटेक्ट करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन ही रिसीव नहीं किया तो जहां पर भारत सरकार के द्वारा महामारी आपदा घोषित किया जा रहा है कोरोनावायरस को उसको लेकर बहराइच स्वास्थ्य विभाग कहां तक एक्टिव है। यह आप देख सकते हैं सुजौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से ग्रामवासियो न तो मास्क वितरित किये गए है और न ही मास्क या सिनेटाइज़र वितरण हुआ है। ऐसे में देश के साथ बहराइच जिले के सुजौली स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारी और कर्मचारी खिलवाड़ करने का काम कर रहे है।

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