असगर अली (NNI Coverage F.O.U.P.)
उत्तरप्रदेश / पीलीभीत। प्रेस वार्ता में मुस्लिम धर्म गुरू मशहूर स्कालर मुफ्ती साजिद हसनी ने प्रेस वार्ता के दौरान रमजान शरीफ की फजीलत ब्यान की। पूरनपुर कादरी दारूल इफ्ता (इस्लामिक न्यायालय) के मुफ्ती व काजी इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती साजिद हसनी कादरी ने रमजान शरीफ की फजीलत पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि 1979 के बाद इस बार तकरीबन 16 घण्टे का सबसे लम्बा रोजा होगा। 41 साल के बाद 24 या 25 अप्रैल से सबसे लम्बे रोजे होगे और लगातार कई सालों तक इस तरह लम्बे रोजे रखने होंगे । रमजान शरीफ की फजीलत पर वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि रमजान शरीफ में जन्नत के दरवाजे खोल दिये जाते हैं और दौजख (जहन्नुम) के दरवाजे बंद कर दिये जाते हैं। शैतान को भी पूरे माह कैद कर दिया जाता है। रमजान के महीने में एक नेकी करने के बदले 70 नेकियों का सवाब मिलता है। सभी मुसलमानों पर रोजा रखना फर्ज है। जान बूझकर एक रोजा छोड़ने के बदले 60 रोजे लगातार रखना होंगे। यदि उस व्यक्ति में रोजा रखने की ताकत नहीं है तो वह 60 दिन तक लगातार गरीब व मिसकीन को भरपेट खाना खिलवाए जो लोग जानबूझकर रोजा नहीं रखते हैं तो वे लोग सख्त गुनाहगार होंगे। ऐसे लोगों का मुस्लिम समाज से वायकाट किया करना चाहिए ।यह विचार रखते हुए मुफ्ती साजिद हसनी कादरी भावुक हो गये।
मुफ्ती साजिद हसनी कादरी ने यह भी बताया कि अगर सख्त बीमार हैं तो रोजे की हालत में इंजेक्शन लगवाने से रोजा नहीं टूटेगा। ऐसे ही सर में तेल डालने से, सुर्मा लगाने से रोजा नहीं टूटता है। यदि टूथपेस्ट और मंजन के बारीक हिस्से भी हल्क में उतर गये तो रोजा टूट जाएगा इसलिये यह सब जिसमें टेस्ट (मजा) हो, रोजे की हालत में इसका प्रयोग करना मना है। मुफ्ती साजिद हसनी कादरी ने आला हजरत की तहरीरकर्ता किताब फतावए रजविया के हिवाले से बताया कि खैनी, तंबाकू और गुल करने से रोजा टूट जाता है। रोजे को किसी भी हालत में नहीं छोड़ना चाहिए। पांचों वक्त की नमाज नमाज पाबंदी से पड़ना चाहिए कि नमाज तमाम बुरी बातों से रोकती है। उन्होंने कहा कि 1979 के बाद तकरीबन 16 घण्टे का रोजा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पहला रोजा की सहरी 4:07 मिनट इफ्तार शाम 6:46 मिनट पर होगा। आखिरी रोजा की सहरी 3:40 मिनट पर व इफ्तार 7:02 मिनट पर होगा पहला रोजा लघभग 14 घंटे 39 मिनट व आखिरी रोज़ा 15 घंटे 22 मिनट का होगा मुफ्ती साजिद हसनी ने बताया कि इस बार 16 घण्टे के करीब रोजा होगा। *चिलचिलाती धूप, उसम भरी गर्मी में रोजादारों को प्यास की शिद्दत होगी रोजदार फिर भी रोजा किसी हालत में नहीं छोड़ेंगे*, रोजदार पांच वक्त की नमाज पढ़ें, कुरान पाक की तिलावत करें, रोजे का पूरा दिन अल्लाह और उसके रसूल की याद में गुजारें तो रोजदार को भूख प्यास का एहसास भी नहीं होगा मुफ्ती साजिद हसनी ने सभी लोगों को रमजान शरीफ मुबारकबाद दी और मुसलमानो से अपील की है कि लाकडाउन में अपने-अपने घरों में इबादत करें तरावीह-नमाज़ व अन्य इबादते घरों में ही करें इस बार लाकडाउन के दिनों में मस्जिदों में सिर्फ 4 या 5 लोग ही तरावीह - जुमा व अन्य नमाज़े अदा कर सकेंगे शासन प्रशासन का सहयोग करें हमेशा मास्क व सैनैटराइजर का प्रयोग करें बगैरजरूरत घरों से बाहर न निकले।

No comments:
Post a Comment