सरफ़राज़ अहमद सिद्दीकी (NNI Coverage नगर संवाददाता)
नानपारा नगर / बहराइच, उ0प्र0। राहत जनता इण्टर कालेज के प्रधानाचार्य डा. दीनबन्धु शुक्ल ने बताया कि कोरोना महामारी के इस संकट पूर्ण स्थिति में पूरे देश में लाक डाउन घोषित किया गया है ।इस लाक डाउन के दौरान लोगों की धैर्य और आत्म संयम की परीक्षा हो रही है लेकिन साथ ही साथ इसके कुछ सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं ।इस महामारी के कारण लोगों के जीवन शैली में व्यापक बदलाव आया है ।सफाई और सतर्कता पूर्ण जीवन एक अवधारणा के रूप में ही ज्यादा प्रचलित थी लेकिन आज व्यवहारिक रूप में यह पर्याप्त ढंग से दिखाई देने लगा है। लोगों में इसके प्रति एक जुनून उत्पन्न हुआ है ।लाक डाउन पारिवारिक मूल्यों को स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध हो रहा है ।एक ही छत के नीचे पूरे परिवार का एक साथ लगातार रहना भावनात्मक लगाव भी उत्पन्न कर रहा है। भौतिकता वादी व्यवस्था में व्यक्ति के पास सबसे ज्यादा समय की कमी हो गई थी आज लाक डाउन के दौरान लोगों के पास पर्याप्त समय है जिसे वह अपने परिवार को दे रहे हैं। परिवार के सभी सदस्यों में रचनात्मक प्रवृत्तियां भी बढ़ रही हैं ।लोगों की लेखन कार्य, संगीत सुनना, गृह सज्जा तथा बागवानी जैसे कार्यों में रुचियां बढ़ रही हैं। सरकारी प्रसारण चैनल दूरदर्शन पर रामायण ,महाभारत और चाणक्य जैसे धारावाहिकों का प्रसारण हो रहा है ।लोगों द्वारा इसे बड़ी संख्या में देखा भी जा रहा है इससे लोगों के मन में अपनी गौरवशाली परंपरा तथा नैतिक मूल्यों का बोध हो रहा है। वर्तमान परिस्थिति में लोगों के मन में नकारात्मक विचार भी उत्पन्न हो रहे हैं लेकिन अपनी विरासत, पारिवारिक मूल्यों तथा रचनात्मक कार्यों में रुचि लेकर लोग इस नकारात्मक विचारों को खत्म करने में सफल हो रहे हैं। सोशल मीडिया का नकारात्मक प्रभाव लोगो के ऊपर हावी हो चुका था। पुरानी ज्ञानवर्धक पुस्तकों के पढ़ने का चलन फिर से प्रारम्भ हुआ है तथा सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव में कमी आयी है। लोगो मे पुराने पड़ चुके संबंधों को पुनर्जीवित करने की प्रवृति भी बढ़ी है।

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