राशिद अली (NNi Coverage ग्राम्य संवाददाता)
बहराइच, उ0प्र0। आप को आश्चर्य होगा इन लाईनो का आज के परिवेश में क्या मतलब! नहीं जनाब उत्तर प्रदेश पुलिस का मानवीय चेहरा आज समाज के सामने आईना बनकर चमक रहा है। कल तक पुलिस के कारनामों से लोग दहशत में रहा करते थे। वही पुलिस आज गरीबो बेसहारो के लिये मसीहा बनकर निकली है। कल तक हाथ में बन्दूक लोगों के साथ बुरा सलूक के लिये यूपी पुलिस बदनाम रही है। लेकीन आज जब गांव शहर देश का परिवेश बदला हुआ है, लोग घरों के भीतर सहमे हुये है, करोना के भय से बाहर निकलने पर पाबन्दी है, तब यही पुलिस लोगों के दुखदर्द का सहारा बन कर जिन्दगी की राह का मार्गदर्शक बनी हुयी है। इन्सानियत की मिसाल पेश कर रही है!शायरन बजाती गाड़ियों की आवाज सुनकर लोग दुबक जाते थे, बूटों की चरमराहट से आपात काल में दहल जाते थे, किसी आनहोनी आशंका से खौफजदा हो जाते थे,,लेकीन आज पुलिस की गाङीयो का सायरन तङपती ,असहाय, बेसहारा, बेचारा ,बने लोगों की जिन्दगी के लिये बरदान साबित हो रहा है। पता लगा दूध बिना किसी गरीब का बच्चा रो रहा है पुलिस टीम हो जाती है हाजीर , खाने बिना भूखा है परिवार पुलिस की गाड़ियों मे भोजन सामग्री उसके दरवाजे पर कुछ पलो में हाजीर? शकून भरे पलों की शागिर्दगी करने वाली पुलिस आज इस करोना की महामारी में फरीश्ता बन कर उभरी है?अपने घर परिवार से दूर मजबूर लोगों की सेवा मे लगी पुलिस खुद बिना खाये पीये जान को हथेली पर रखकर जिस तरह का कार्य कर रही है लोगों के दिलों में चाह पैदा कर रही है वह काबिले तारीफ है। दिन रात गांव गली, कस्बा शहर, हाट बाजार चौक , पर खङी भीगी वर्दी मे पशीने से तरबतर लेकीन कही मिली खबर पहुचने में देर नहीं करती है पिङीत के घर?। वाकई मे बेमीसाल कारनामा कर नागरिक पुलिस ने अपने कर्तब्यो का बोध हर किसी को इंसानीयत की मिसाल पेस अपनी पूरानी छबि को सुधार लिया है। इस महामारी ने आज सुरक्षा मे लगी यु पी पुलिस का दागदार चेहरा धुल दिया है। बन्दूक की जगह हाथ मे माईक देश भक्ति का तराना सङको पर गूंज रहा है। फीजा मे अजीब तरह की हलचल है ।घरों के भीतर से लोग यह नजारा देखकर हैरान है? क्या यह वही पुलिस जिनके कदम की आहट पर जिन्दगी तबाही के तरफ बढने लगती थी? मन आशंकाओ भे भर जाता था? हर कोई ङर जाता था?टोला मुहल्ला सदमे मे समा जाता था !कोहराम मच जाता था! यमराज के रूप में लोग पुलिस को देखते थे,! लेकीन आज का यह करिष्मा लोगों के दिलों में अनायास ही मुहब्बत के बोल निकालने पर मजबूर कर दिया है। कङकती धूप में सङक पर पैदल हिफाजत के लिये चहल कदमी आदमी को सोचने के लिये बाध्य कर दिया है। पुलिस हकीकत बनकर आज बरबस ही गमगीन फीजा में मुहब्बत के तरानो को सुनाकर भय से छटपटा रही जिन्दगी को जीने का सम्बल बना गयी है। हर तरफ चर्चा है घर के भीतर रहे बंट रहा पर्चा है। करोना के कहर से बचने के लिये सुबह शाम दोपहर पुलिस कर रही लोगों को आगाह! नागरिको को सूरक्षित करने की बखूबी कर रही है परवाह? यह शौकीया पुलिस के पक्ष में लिखा जाने वाला कसीदा नहीं जनाब? हकीकत है!आज उन्ही के बदौलत जिन्दगी सुरक्षित है। आज उनके के लिये हर जान की कीमत है।आईये आप को ऊत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच में पुलिस पुलिस की मानवीय कार्यप्रणाली को बताते है। जो इन्सानियत का नमूना है। पुलिस का बदला स्वरूप है इन्सानियत का जीता जागता रूप है। इस जनपद में तैनात पुलिस कप्तान डॉ विपिन कुमार मिश्रा जहाँ ईमानदारी कर्तब्य निष्ठा के लिये मशहूर है। वैसे ही मानवीय सम्बेदनाओ को समझने के लिये भी चर्चित है ।करोना के कहर की खबर पर जबसे लाक ङाऊन हुआ बहराइच कप्तान की नजर गरीबों की झुग्गी झोपङियो, असहायो, लाचारो ,बेगागारो? कामगारो के तरफ इनायत हो गयी। मातहतो को निर्देश जारी हो गया !स्वयं सेवी सस्थाये भी आगे आ गयी।हर गरीब को खाना जरूरत का सामान दरवाजे दरवाजे पहुँचाया जा रहा है। एक दुसरा रूप भी देखिये हाथ में माईक लेकर सुरीले अन्दाज में लोगों को सचेत कर रही पुलिस *जिन्दगी मौत न बन जाये सम्हालो यारो* अपील लगातार गली ,मुहल्लो, चौराहो,पर हो रही है। घर मे रहीये सुरक्षित रहीये हेल्प लाईन नम्बर पर काल करें जरूरत के सामान हम देगे?पुलिस कप्तान की निगहबानी में पीड़ितों की कम की जा रही है परेशानी है।, थाना मुर्तिहा,नानपारा,नवाबगंज,राम गांव, कैसरगंज,जरवल,फखर पुर,रुपईडीहा पुलिस दिन रात भ्रमण कर राहत सामग्री पहुंचा रही है। लोगो के बीच नफरत का शबब बनी पुलिस आज कल मरहबा हासिल कर रही है। पुलिस कप्तान खुद माईक हाथ मे लिये जब देश भक्ति के तराने गाते है लोग अनायास कह ऊठते है शाबास भाई कमाल कर दिया काम तो बेमिसाल कर दिया? वाकई, नफरत से देखे जाने वाली पुलिस आज कल मसीहा बन गयी है जब देश सक्रमण काल से गुजर रहा है तब यह पुलिस हथियार रखकर कर घर बार का मोह त्याग कर मजबूर लोगों की परवाह में लगी हुयी है। न खाने का ठीकाना न समय की पाबन्दी चौबीस घन्टे सीमा सील कर कर रही है हदबन्दी। बे मिसाल बनी इन्सानियत की ध्वजबाहक बनी पुलिस का यह रूप आज लोगो के दिलो मे मुहब्बत की चाह पैदा कर दी है। हर गरीब के दिल से दुआयें मिल रही है ।घरों मे कैद जिन्दगी को सहारा देने वाली वर्दी इस बिगङे माहौल में असहायो के लिये हम सफर बन गयी। अभी लाक ङाऊन हफ्तो चलना है घर में ही रहना है बाहर नही निकलना है। करोना का कहर बन गयी महामारी है। हर असहाय को सरकारी सुबिधा जारी है।
आप बे फिक्र रहें कोई भी शिकायत हो हेल्प लाईन पर कहे?लेकीन किसी भी किमत पर बाहर न निकले !घरो मे रहे! महज कुछ दिनो की बात है। उसके बाद आप के लिये खुशहाली भरा दिन खूशहाली भरी रात है। हर कदम सोच कर चले बाहर मौत का पहरा है। जान हथेली पर रखकर पुलिस आप की रखवाली कर रही है।आप की सुख सुबिधा के लिये दिन रात चौकसी मे लगी है।आप सहयोग करे! निश्चिन्त रहे !करोना का कहर ठहर जायेगा । मानवता की मिसाल पेश कर रही यू पी पुलिस के जज्बे को कोटिश बधाई बहराइच पुलिस कप्तान को तहे दिल से प्रणाम।। बे मिसाल कर दिये है काम। बहराइच पुलिस ने खूब कमाया नाम।

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