Friday, April 10, 2020

मुस्लिम समुदाय ने अपने घरों में इबादत करके सब्बे बरात मनाया

राशिद अली (NNI Coverage ग्राम्य संवाददाता)
बहराइच, उ0प्र0। देश के साथ ही कई मुल्कों में फैले हुए जानलेवा बीमारी कोरोना वायरस को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शासन प्रसासन के पूरी तरह से पालन करते हुए लॉक डाउन का सम्मान रखते हुए अपने खाश पर्व सब्बे बरात को घरों में ही रह कर मनाया और पूरी तरह से प्रसासन के निर्देशों पर अमल किया बताते चले की इस पर्व मुस्लिम समुदाय के लिए बहुत ही पाक है और इस दिन हर मुस्लिम मस्जिदों में जाकर रात भर नफ्ली इबादत करते हैं और इसी दिन मुस्लिम धर्म गुरुओं के मुताबिक अल्लाह अपने बन्दों के पूरे साल का हिसाब किताब करते हैं इसी दिन मुस्लिम धर्मगुरुओं के मुताबिक अल्लाह इसी दिन तय करते हैं एक साल में लोगों के साथ किया किया होगा और कब किसकी मौत होनी है इस कारण मुस्लिम समुदाय इस खाश दिन का बहुत एहतिमाम करते हैं पूरी रात इबादत ,तिलावत करते हैं अल्लाह से अपनी गलती की माफ़ी मांगते हैं नफ्ली इबादत करते हैं और दूसरे दिन नफ्ली रोजे का भी एहतिमाम करते हैं सुबह फज्र की नमाज पढ़ने के बाद कब्रिस्तानों में जाकर अपने परिवार के लोग जो इस दुनिया से जा चुके हैं उनकी मगफिरत के लिए अल्लाह से दुवाएं करते हैं उलमाओं के मुताबिक इस दिन अल्लाह अपने बन्दों की दुवाएं कुबूल करते हैं गुनाहों को माफ़ कर देते हैं जो दुवाएं मांगी जाती हैं उसे अल्लाह पूरी करते हैं कुछ लोग इस दिन अपने घरों में फातिहा भी करवाते हैं कुछ लोग इस दिन हलुवा भी बनाते हैं मगर इस वर्ष देश सहित कई मुल्कों में जानलेवा कोरोना वायरस फैला होने के कारण देश में लॉक डाउन चल रहा है इस कारण शासन प्रसासन ने सभी मुस्लिम धर्म गुरुओं के साथ मे बैठक कर इस पर्व को इस बार अपने घरों में रह कर मनाने की अपील की थी इस कारण देश सभी उलमाओं ने सभी मुसलमानों से अपील की थी शासन प्रसासन का सहयोग करने के लिए अपने घरों में इस पर्व को मनाये और इबादत करें कब्रिस्तान न जाएँ इस अपील पर सभी मुसलमानों ने अमल करते अपने घरों में इस पर्व को मनाया प्रति वर्ष इस पर्व पर मस्जिदों को सजाया जाता था साथ ही लोग अपने घरों को भी लाइट आदि से सजाते थे अपने घरों पर अपने लोगों की दावत का भी आयोजन करते थे हलुवा बनाकर बांटते थे आतिशबाजी भी करते थे मस्जिदे पूरी रात आबाद रहती थी चाय आदि मस्जिदों मे बनाई जाती थी मगर इस बीमारी के कारण इस बार लोगों ने पूरी तरह से शासन प्रसासन के आदेशों का पालन करते हुए अपने घरों के अंदर ही पर्व को मनाया अधिकतर घरों में इस बार हलुवा भी नहीं बनाया गया और  न ही घरों में सजावट आदि की इस महामारी के कारण अपने घरों से अपने मरे हुए लोगों को इसाले सवाब पहुँचाया बहुत ही अकीदत के साथ इस पर्व को घर में मनाया अधिकतर महिलाओं ने रोजे का एहतिमाम किया और दुनिया के साथ ही भारत से कोरोना जैसी बीमारी को ख़त्म करने के लिए अल्लाह से पूरी रात रो रो कर दुवाएं की और दूसरे दिन जुमा की नमाज़ लोगों ने अपने घरों में ही अदा की है।

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