Wednesday, April 29, 2020

मुफ्त राशन लेने वालों को है ज्यादा सावधान रहने की जरुरत

राशिद अली (NNI Coverage ग्राम्य संवाददाता)
बहराइच, उ0प्र0। देश में फैली वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते लागु लॉक डाउन मे प्रदेश सरकार ने 3 माह तक मुफ्त में राशन देने का एलान कर दिया है जिसका पहला महीना गुजर गया है और दूसरा महीना आने वाला है मगर मुफ्त राशन लेने वाले लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरुरत है क्योंकि पहले महीने में इस एलान में काफी लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है ज्ञात हो कि कोरोना वायरस के चलते लॉक डाउन मे शासन प्रसासन ने सोशल डिस्टेंसिंग का खाश तौर पर ख्याल रखने का दिशा निर्देश जारी किया है मगर देखने को यह मिला है कि लोग मुफ्त राशन पाने की चाह में अपनी ज़िन्दगियों से खिलवाड़ कर चुके हैं राशन वितरण में ना तो लॉक डाउन का पालन दिखा और न ही शोषल डिस्टेंसिंग का पालन कहीं पर दिखाई दिया इस माह जब जनपद में राशन वितरण किया गया तो हमारे संवाददाता ने कई कोटों का निरीक्षण किया था जहाँ पर यह देखने को मिला की अधिकतर कोटों पर न तो शोषल डिस्टेंसिंग का पालन हुआ और न ही हाथ धोने के लिए साबुन पानी या सेनिटाइजर का ही इंतिज़ाम था कई कोटों पर तो यहाँ तक देखने को मिला कि नोडल अधिकारी ही लापता है तो कहीं पर पुलिस कर्मी ही मौजूद नहीं है मुफ्त राशन पाने के लालच में राशन कार्ड धारक यह तक भूल गए कि देश में कोरोना वायरस फैला है लोग एक दूसरे में गुथम्म गुथा दिखे अधिकतर कोटों पर गोला तक खिंचा नहीं गया है जिसमे राशन लेने वाले लोग खड़े हो सके न तो राशन लेने वाले लोगों ने इस बीमारी को गंभीरता से लिया और न ही राशन वितरण करने वाले कोटदारों ने इस को गंभीरता के साथ में लिया ज़िम्मेदार ज़िला पूर्ति अधिकारी व क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने भी कोटे का मौका मुआयना करने की जहमत भी नहीं उठाई अगर किसी जागरूक व्यक्ति ने इस बारे में जिला पूर्ति अधिकारी को फोन कर जानकारी भी दी तो उनका जवाब था कि उपजिलाधिकारी को बताएं अब यहाँ पर सवाल यह उठता है कि क्या ज़िला पूर्ति अधिकारी की यह ज़िम्मेदारी नहीं बनती है कि इस पर अपने स्तर से कुछ कार्यवाही करें सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रत्येक कोटेदार सैकड़ो की संख्या में फर्जी राशन कार्ड बनवाकर रखते हैं जिससे की ई पाश मशीन होने के बाउजूद उनका कालाबाज़ारी अवैध कारोबार आसानी के साथ में चलता रहे और वह आराम के साथ में घटतौली,और यूनिट से कम राशन लोगों को दे सकें इस कारण नोडल अधिकारी को खर्चा पानी देकर कोटे से टरका दिया जाता है और जो पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती उनको भी फर्जी दिलासा देकर कोटे पर ड्यूटी नहीं करने दिया जाता है और अपनी मनमर्जी करने के लिए कोटेदार इस जानलेवा बीमारी को दरकिनार करते हुए कोई नियम कानून का पालन नहीं करते हैं और  फ्री के राशन के लालच में कार्ड धारक नादानी में बीमारी को दावत दे रहे हैं वह यह भूल जाते हैं कि थोड़े से राशन के लिए अपनी जान को जोखिम में डाल रहे हैं शासन प्रसासन को चाहिये कि कोरोना वायरस जैसी जानलेवा बीमारी से बचाओ हेतु कोटों पर राशन लेने आने वाले लोगों को सख्ती के साथ में लॉक डाउन और शोसल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए राशन वितरण की व्यवस्था करनी चाहिए नहीं तो चंद रुपयों के राशन के लालच में लोग कही इस गंभीर बीमारी से न संक्रमित हो जाये क्यूंकि इस बीमारी का इलाज बचाओ ही है इसकी अनदेखी न की जाये और आगामी समय के राशन वितरण के समय शोषल डिस्टेंसिंग का खाश तौर पर ख्याल रखें और कोटों पर सेनिटाइजर,साबुन ,पानी की व्यवस्था प्राथमिकता के साथ में करवाएं जिससे कि जनता इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रह सके।

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