संदीप चौधरी (NNI Coverage जिलाब्यूरो)
कुशीनगर, उ0प्र0। जिले के जटहां बाजार थाना कस्बे में एक लगभग 42 वर्षीय व्यक्ति ने आर्थिक तंगी से शिकार होकर मंगलवार तड़के सुबह 10:00 बजे में गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर लिया। आत्महत्या की खबर मिलते ही पूरे कस्बे में जंगल की आग की तरह फैल गई और लोगों की भीड़ दरवाजे पर एकत्रित हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार उपरोक्त कस्बा निवासी मनोज पुत्र गोपी ने उस समय फंदा लगाया जब उसके बीवी बच्चे किसी काम को लेकर बगल के गांव मैं गए हुए थे इधर मनोज घर को सुनसान पाकर गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर लिया। आत्महत्या की खबर मिलते ही उसके बीवी बच्चे भाग दौड़ कर घर आए तो अपने घर के मुखिया को फांसी के फंदे पर लटकते देख बीवी बच्चे सब बेहोश होकर गिर पड़े।इसी दौरान किसी ने पुलिस को खबर कर दी। खबर मिलते ही थानाध्यक्ष संजय कुमार अपने हमराही सिपाहियों के साथ तत्काल मौके पर पहुंच गए।करीब दो घंटे तक थानाध्यक्ष संजय कुमार द्वारा पीड़ित परिवार के सदस्यों को ढाढस बढ़ाते हुए उनकी मनोबल को हौसला अफजाई करते रहे। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष संजय कुमार ने मनोज को फंदे से उतारकर पंचनामा भरवा कर शव को पोस्टमार्टम रिपोर्ट हेतु मर्चरी हाउस भेज दिया है।वही थानाध्यक्ष संजय कुमार ने मानवता का मिसाल पेश करते हुए आर्थिक तंगी से परेशान परिवार को ढाढस बढ़ाते हुए हर समय खड़े रहने का आश्वासन देते हुए तत्काल ₹5000 का आर्थिक योगदान देकर पीड़ित परिवारों को साहस बढ़ाया।
बीबी बच्चो के सिर पर पहाड टूट पड़ा है। मृतक मनोज की पत्नी आशा व 18 वर्षीय पुत्री नेहा व 13 वर्षीय स्नेहा 11 वर्षीय पुत्र अंकुर 8 वर्षीय पुत्री अमृता 3 वर्षीय पुत्री परिधि के सिर से पिता का साया उजड़ने के बाद सब बदहवास है। मौके पर जुटी पास पड़ोस के महिलाएं उन्हें समझा-बुझाकर होश में लाने का पूरी कोशिश करती रही। ग्रामीणों की जुबानी माने तो मनोज सुबह से शाम तक पानी पुरी का ठेला लेकर गांव में जाता था और शाम तक भ्रमण कर घर लौटा था और अपने कुनबों का पेट भरता था। ग्रामीणों की जुबानी हो रही चर्चा में यह सुनाई दिया कि एक बिटिया बड़ी हो गई थी। जिसकी शादी को लेकर वह काफी चिंतित रहता था। कहीं उसके निर्णय का इम्तहान आर्थिक तंगी से परेशान ही हो सकता है। जिसके कारण उसने आखरी फैसला आत्महत्या ही ढूंढ लिया।


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