राशिद अली (NNI Coverage ग्राम्य संवाद)
बहराइच, उ0प्र0। कोई भी पार्टी या संग़ठन हो पद देने का अधिकार सिर्फ संग़ठन अध्यक्ष को होता है न कि किसी अन्य को और किसी अन्य द्वारा जारी किए जाने वाले नियुक्ति पत्र को फर्जी समझा जाता है समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा जनपद बहराइच के महासचिव राशिद अली ने एक बयान के माध्यम से बताया कि 30 सिप्तम्बर को पूर्व विधायक महसी के के ओझा ने एक अथर्टी लेटर जारी किया है जिसमे उन्होंने बताया कि इमरान अहमद निवासी ग्राम गाधिल्या विधानसभा महसी को जनपद बहराइच में विधानसभा क्षेत्र उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है अब सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि अल्पसंख्यक सभा के ज़िलाध्यक्ष रईस अहमद रहमानी को इसकी जानकारी भी नहीं है और पत्र में लिखा गया है कि ज़िलाध्यक्ष की सहमति से इन्हें नियुक्त किया जा रहा है विधानसभा क्षेत्र महसी निवासी व्यक्ति को जनपद बहराइच विधानसभा क्षेत्र में उपाध्यक्ष बनाये जाने की जानकारी दी जा रही है अल्पसंख्यक सभा ज़िलाध्यक्ष या समाजवादी पार्टी ज़िलाध्यक्ष के अतिरिक्त किसी अन्य द्वारा इस प्रकार की नियुक्ति करना पूरी तरह से फर्जी है और पार्टी संविधान के विरुद्ध है श्री अली ने बताया कि कोई भी संग़ठन हो अध्यक्ष के अतिरिक्त सिर्फ महासचिव 3 सदस्य नामित करने का अधिकार रखता है कोई अन्य इसका अधिकार नहीं रखता है इस कारण इस प्रकार की नियुक्तियां पूरी तरह से अवैध है जिसका वह खण्डन करते हैं ज़िलामहासचिव ने कहा कि संग़ठन को आम जनता के बीच में हँसी का पात्र न बनाया जाये यही पार्टी हित में बेहतर हैं पूर्व विधायक हैं तो अपनी गरिमा का ख्याल रखते हुए नियुक्ति के लिए ज़िलाध्यक्ष से सिफारिश कर सकते हैं।

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