सरफराज सिद्दीकी (NNi Coverage नगर संवाददाता)
नानपारा, बहराइच (उ0प्र0)। जश्ने ईद मिलाद-उन-नबी (बारावफात) गुरुवार की रात मस्जिदों व घरो को रोशन करके यानि कि मोमबत्तियो और लाइटिंग से सजाकर बड़ी ही अक़ीदत और मुहब्बत के साथ शासन-प्रशासन की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए मनाया गया।
आपको बता दे की हर साल नारे तक़वीर के नारों से सड़के बुलंद होते हुए जुलूस-ए-मोहम्मदी का जुलूस पूरी मुहब्बत के साथ निकालते थे जिसमें सैकड़ो लोग शामिल होते थे लेकिन इस बार कोविड-19 के मद्देनजर लोगों ने अपने अपने घरों में रहकर ये पर्व मनाया। इस त्योहार की खास बात यह है कि इस माह की चाँद की 12 तारीख को इस्लाम मजहब के बानी हजरत मोहम्मद साहब की पैदायश हुई थी। पैगम्बर ए इस्लाम की पैइाइश का दिन यानि ईद मिलादुन्नबी जिसे बारावफात भी कहा जाता है 29 और 30 अक्टूबर को बारावफात पूरे उल्लास और जोश ओ खरोश से मनाया गया, लेकिन प्रशासन की गाइडलाइन और पाबंदियों का पालन करते हुए। प्रशासन की ओर से जुलूस से लेकर जलसे तक के लिये गाइडलाइन की पाबंदियो का पालन करते हुए ही बारावफात मनाया गया। इस दिन नगर में हज़ारो लोगों की भीड़ सड़क पर निकलती है, 'जुलूस ए मुहम्मदी’ के नाम से कई जुलूस निकाले जाते हैं जो नगर के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए निकलते है। मगर इस बार मस्जिदों में सजावट और दुआख्वानी ही हुई। त्योहार मनाने के क्रम में नगर की राजा मस्जिद, बेगम मस्जिद, बचऊ मस्जिद, फैजाने मदीना मस्जिद हकीम कैसर, मस्जिद नूरी मंसूरी घसियारन टोला, रेहान-ए-रजब, चिकवा मस्जिद, कसगर मस्जिद आदि में भव्य सजावट की गयी थी।



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