Saturday, December 5, 2020

अधिवक्ता दिवस के रूप में मना भारतरत्न डॉ० राजेन्द्र प्रसाद का जन्मदिन

डी०पी०श्रीवास्तव "अंकुर" (NNI Coverage संपादक) 

बहराइच/नानपारा (उ०प्र०)। तहसील अधिवक्ता एसोसिएशन नानपारा के तत्वावधान में स्वतंत्रत भारत के प्रथम राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ० राजेन्द्र प्रसाद का जन्मदिन अधिवक्ता दिवस के रूप में संघ के अध्यक्ष जवाहर लाल वर्मा की अध्यक्षता में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रेम कुमार त्रिपाठी ने किया। 

कार्यक्रम की शुरुआत में अधिवक्ता संघ नानपारा के सम्मानित सदस्यों ने डॉ० राजेन्द्र प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण व श्रद्धा सुमन अर्पित किये। हरीश शर्मा ने कार्यक्रम को उद्बोधित करते हुए कहा कि श्री प्रसाद का जन्म भले ही एक धनाढ्य परिवार में हुआ लेकिन वह अपनी आधी तनख्वाह गरीबों के हित में बांट दिया करते थे, हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। रूप नारायण जायसवाल ने कहा कि बाबू राजेन्द्र प्रसाद ने बतौर अधिवक्ता सादगी भरा जीवन जिया और भारत की गरीब जनता के हित के लिए बराबर संघर्षरत रहे। पूर्व अध्यक्ष चतुर्भुज सहाय ने श्री प्रसाद के जीवन से शिष्टता व सदाचार जैसे गुणों को अपने जीवन मे आत्मसात करने की आकांक्षा जताई। इसके अलावा महासचिव निर्मल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि डॉ० राजेन्द्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति होने के साथ साथ बुध्दिजीवी वर्ग में भी सबसे अग्रणी थे उनके विनम्र स्वभाव से प्रेरित होकर अधिवक्ता हित एवं राष्ट्रहित में प्रयास करना चाहिए। जगदंबा श्रीवास्तव ने श्री प्रसाद के जीवन पर प्रकाश डालते हुये बताया कि डॉ० राजेन्द्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर 1884 को बिहार के छपरा जिले के जीरादेई गांव मे एक अमीर परिवार में हुआ था इसके बावजूद उनमें अमीरी का घमंड नही था। संयुक्त सचिव ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ० राजेन्द्र प्रसाद का जन्म कायस्थकुल में हुआ था जिस कारण वे कुशाग्र बुद्धि के थे जिसका परिचय उनकी एक परीक्षा की उत्तरपुस्तिका में "एग्जामिनी इज बेटर दैन द एग्जामिनर" लिखे जाने से मिलता है, उन्हें भारतीय संविधान की पंक्तियाँ पूर्णतयः याद थीं, हमें उनके सादा जीवन उच्च विचार के मूल मंत्र को उतारना होगा। उनके पदचिन्हों पर चलते हुये अधिवक्ता वर्ग को दृढ़ संकल्प होते हुए आर्थिक रूप से कमजोर काश्तकारों के मामलों को निःशुल्क निपटारा कराने का प्रयास करना चाहिए। 

कार्यक्रम में अधिवक्ता संघ नानपारा के रामादल वर्मा, विजय कुमार श्रीवास्तव, रमेश पाठक, जग प्रसाद त्रिपाठी, नन्हे राम पाठक, वेद प्रकाश श्रीवास्तव, जुबेर अंसारी, सुंदर लाल आर्य, आत्म प्रकाश श्रीवास्तव, नीरज श्रीवास्तव, मगन बिहारी, टीकाराम मिश्रा, हरिओम शुक्ला, दीप कुमार वर्मा सहित तमाम अधिवक्ता बन्धु मौजूद रहे।

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