Tuesday, December 8, 2020

कुप्रबंधन के चलते सआदत इंटर कॉलेज का जर्जर भवन ध्वस्त होने की कगार पर

दिवाकर श्रीवास्तव (NNI Coverage जिलासंवाददाता)

बहराइच/नानपारा, उ0प्र0। नानपारा ही नही कभी मण्डल मे अपनी पढ़ाई के लिए मशहूर और जनपद के सबसे भव्य खेल के मैदान वाली एवं वर्तमान मे प्रशासनिक तन्त्र के अधीन, अत्यन्त सुन्दर बने भवन वाला स्कूल आज अपने मुकददर पर आसू बहा रहा है। नानपारा रियासत के तत्कालीन राजा सैय्यद सआदत अली खान ने 1937 मे यूनाइटेड प्रोविन्स के गर्वनर सर हेरी हैग से 1 मार्च 1937 को उद्घाटन कराकर सआदत हाईस्कूल की स्थापना की थी और दिनांक 30.03.1937 को अबू सईद  हमीदुलला को पहला प्राचार्य बनाकर स्कूल का संचालन शुरू कराया। इस कालेज के तमाम छात्र प्रदेश मे अच्छे-अच्छे पदो पर असीन होकर सेवा दे चुके है। स्कूल मे 23 कमरे, प्रयोगशाला, गेम्स कक्ष, कलाकक्ष और कृषि शिक्षा कक्ष स्थापित करा कर स्कूल मे चार चांद लगाया गया था। तत्समय यह कालेज जनपद बहराइच की शान माना जाता था।

वर्तमान मे सआदत इण्टर कालेज की व्यवस्था देखे तो जिलाधिकारी पदेन अध्यक्ष, उपजिलाधिकारी नानपारा पदेन उपाध्यक्ष और तहसीलदार नानपारा पदेन प्रबन्धक है। मगर कालेज के लगभग सभी कमरो की छते खराब हो गयी है तथा पानी टपकता है। कमरो के प्लास्टर और फर्श टूट  चुकी है कुछ तो दीवार दरक गयी है और कुछ दरकने की स्थिति मे है। स्कूल और खेल के मैदान मे बाउन्ड्रीवाल न होने से जहा लोग धीरे धीरे कब्जेदारी कर रहे है वहीं नानपारा रूपैडिहा मार्ग पर स्कूल के सामने तमाम लोगो ने गुमटी रखकर कब्जेदारी  शुरू कर दिया है। अगर प्रशासन संज्ञान नही लेगा तो लोग धीरे-धीरे निर्माण कर लेगे। यही नही कालेज मे वर्तमान मे फर्नीचर भी पर्याप्त नही है। कालेज मे लगभग 650 बच्चे शिक्षारत है। शासन से स्वीकृत शिक्षक के तमाम पद जिसमे गणित,संस्कृत,अंग्रेजी, उर्दू प्रवक्ता के पद व्यवसायिक मे टंकण अनुदेश का पद रिक्त है। और हिन्दी, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान तथा ग्रह विज्ञान के सहायक अध्यापक के पद खाली है। भवन की जर्जरता पर प्रशासनिक अमला और विद्याालय के प्रबन्धन तन्त्र ने संज्ञान नही लिया तो आने वाले कुछ वर्षो मे मात्र सआदत इण्टर कालेज की यादे रह जायेगी । सूत्रो का कहना है कि 40 वर्ष से अधिक हो चुके विद्यालय की समिति का नवीनीकरण भी नही हो सका है। वर्तमान मे तैनात प्रधानाचार्य डा0 अरविन्द कुमार मिश्रा बताते है कि विद्यालय के विकास के लिए कोई फन्ड नही है। पूर्व मे जनपद मे रहे जिलाधिकारी अजय दीप सिंह और माला श्रीवास्तव ने विद्यालय के भवन और चहार-दीवारी के लिए तत्कालीन प्रबन्धक से कार्य योजना बनाकर चरण बद्ध तरीके से विकास कराने को कहा था मगर उनके स्थानान्तरण  के उपरान्त सारी योजनाए ठन्डे बस्तेे मे चली गयी । श्री मिश्र का कहना है कि प्रबन्धक और उपाध्यक्ष से भवन को सुधारने के किए प्रयास जारी है मार्ग पर रखी दुकाने पी.डब्लू.डी की भूमि मे रखी है। फिलहाल सआदत इण्टर कालेज के भवन की स्थिति लगातार बद से बदत्तर होती जा रही है। और यही हाल रहा तो अगामी वर्षो मे  रियासत की यह धरोहर भी ध्वस्त हो जायेगी।

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