Sunday, January 31, 2021

कूड़े के ढेर में घिरा सरकारी नल, न पानी न सफाई न रास्ता

ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव (NNI Coverage ब्यूरो) 

बहराइच/नानपारा, उ0प्र0। नगर की साफ सफाई कितनी बेहतर है समय समय पर इसकी परीक्षा होनी चाहिए। इसके लिए सबसे पहले शहरियों को सफाई के मामले में अपनी प्रतिक्रिया देनी होगी क्योंकि शहर में जगह जगह गंदगी का अंबार है। एक तरफ नाले नालियां चोक हैं, तो दूसरी ओर डलावघरों में लंबे समय तक कूड़ा पड़ा रहता है। मोहल्लों की हालत बदतर हैं। नगर नानपारा के मोहल्ला चिकवा टोला वार्ड 15 में सफाई के नाम पर पालिका परिषद नागरिकों को चूना लगा रही है, वहीं सरकारी नल भी उपेक्षा का शिकार है और राहगीर नाक बंद कर वहां से निकलने को मजबूर हैं, लेकिन इस तरफ कोई देखने और सुनने वाला नहीं है। तस्वीर में बीच चौराहे पर कूड़े का अंबार सरकारी नल पर लगा हुआ है, नल में पानी नहीं आता और कूड़े के ढेर पर खतरनाक कुत्ते बैठे नजर आ रहे हैं। मोहल्लेवासियों का कहना है कि इस समस्या के लिये कई बार सभासद अकबर हुसैन व ईओ से लेकर पालिका अध्यक्ष से बात की, लेकिन सभी ने अनसुना कर दिया।

शहर की सफाई व्यवस्था पर नानपारा की आदर्श नगर पालिका प्रशासन हर साल कई करोड़ रुपये खर्च करता है। इसके अलावा नगर पालिका प्रशासन हर साल बारिश से पहले नालों की तली झाड़ सफाई के लिए कई लाख रुपये के टेंडर कराता है। बावजूद इसके न तो शहर के नाले नालियां साफ हैं और न ही दोपहर तक डलावघर से कूड़ा उठता है। ऐसे में डलावघर में जानवर इकट्ठे होते हैं, जो सड़क पर निकलने वालों के लिए मुसीबत बन रहे हैं। ऐसे में पालिका प्रशासन को लोगों से सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं जतानी चाहिए। इस बावत ईओ अशोक कुमार तिवारी से फोन पर जानकारी करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन नहीं उठा। लोगों ने तंज कसा कि ईओ स्वयं चौबीस घण्टे पान खाकर इधर उधर थूकते रहते हैं वह सफाई क्या करवाएंगे! हालांकि शहर के लोग बताते हैं कि नगर पालिका प्रशासन भले ही स्वच्छता का ढिंढोरा पीट रहा हो, लेकिन शहर के हालात बद से बदतर हैं।

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