पीयूष पोरवाल (NNI Coverage राजधानी ब्यूरो)
लखनऊ, उ0प्र0। राजधानी लखनऊ में वायु प्रदूषण की स्थिति बिगड़ रही है। इंडस्ट्रियल एरिया तालकटोरा व लालबाग क्षेत्र की हवा दमघोंटू हो गई है। बाकी क्षेत्रों का हाल भी बहुत बुरा है। शनिवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 391 दर्ज किया गया, जो कि हवा की बहुत खराब स्थिति को दर्शाता है। अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो रात को तालकटोरा का एक्यूआई 425 और लालबाग क्षेत्र का एक्यूआई 420 था। इसी तरह अलीगंज का एक्यूआई 389 और गोमतीनगर का 355 रहा। विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में बदलाव के चलते वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ा हुआ है। बारिश होने के बाद इसमें कमी आएगी। हालांकि, रविवार सुबह लखनऊ व आसपास के इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई है जिससे राहत मिलने की उम्मीद है।
वहीं, नए साल के पहले दिन सुबह से शाम तक आसमान में छाई कोहरे की चादर ने लोगों का जश्न बिगाड़ दिया। शुक्रवार को गाजियाबाद का देश में सबसे प्रदूषित शहर रहा, यहां का एक्यूआई 470 दर्ज हुआ। यहां पीएम 2.5 मानक से पांच गुना ज्यादा पाया गया। जबकि पीएम 10 मानक से चार गुना था। लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत महसूस हुई। उधर, गाजियाबाद के चारों स्टेशन की हालत बेहद खराब रही। पहली जनवरी की सुबह लोग अपने बच्चों के साथ घूमने निकले तो उन्हें कोहरे और धुंध से दिक्कत हुई। सबसे ज्यादा परेशानी अस्थमा के मरीजों को हुई। पीसीबी अधिकारियों का कहना है कि तापमान गिरने के कारण हवा की गति भी धीमी रही। प्रदूषित शहरों में 455 एक्यूआई के साथ नोएडा दूसरे और 441 के साथ दिल्ली तीसरे स्थान पर रहा। उधर, गाजियाबाद के चार स्टेशनों में वसुंधरा की प्रदूषण स्थिति पहले नंबर पर 481 एक्यूआई मापी गई। दूसरे नंबर पर इंदिरापुरम का 480, तीसरे पर लोनी में 474 और चौथे नंबर पर संजय नगर का प्रदूषण स्तर 435 दर्ज हुआ।

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