Sunday, March 14, 2021

बगैर कश्ती के मैंने दरिया को पार किया : शकील "मकी"

ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव (NNI Coverage ब्यूरो) 

बहराइच/नानपारा, उ0प्र0। आदर्श नगर पालिका परिषद नानपारा के मोहल्ला तोपखाना में एक तरही नाशिस्त का आयोजन  शकील अहमद (मकी) की सदारत में हुई संचालन  ठाकुर  शहीद नानपारवी ने किया ! युवा शायर रोशन जमीर ने अपना कलाम पेश करते हुए कहा थक गया हूं जो  सुला देते तो अच्छा होता- अपने पहलू में जगह देते तो अच्छा होता, मौलाना अमानुल्लाह कासमी ने कहा - कीमतें अश्क बता देते तो अच्छा होता- अपने दामन को बिछा देते तो अच्छा होता है, शफीर ने कहा फूल हाथों में थमा देते तो अच्छा होता -मेरी चाहत को जगा देते तो अच्छा होता, लाल नानपारवी ने कहा अपनी बीमार को दामन से हवा देते तो अच्छा होता, शम्स ने पढ़ा मेरे  अंधियारे से छोटे से घर में -प्यार की शम्मा जला देते तो अच्छा होता, हाफिज जमील ने कहा ऐब  औरौ के गिनावो मगर उससे पहले- खुद को आईना दिखा देते तो अच्छा होता - , शकील अहमद मकी ने कहा तुम्हारी याद ने जब दिल को बेकरार किया - बगैर कश्ती के दरिया को मैंने पार  किया, उस्ताद शायर शहीद नानपारवी ने कहा जिस्म जान और जुबा सब तो निछावर कर दिया- अब यह बताइए क्या देते तो अच्छा होता, मौलाना शब्बीर हसन ने कहा आज सोचा है बनाऊंगा तस्वीरें अजल - हां मगर पर्दा हटा देते तो अच्छा होता, इनके अलावा शायर काशिफ नानपारवी, हयात नेपाली  ने भी अपने कलाम पेश करके श्रोताओं को खुश कर दिया !


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