Thursday, June 3, 2021

टाइगर की मौत के बाद जागा वन विभाग, एंट्री प्वाइंट पर वन्यकर्मी

ब्रहमपाल सिंह यादव (NNI Coverage ब्यूरो यूपी वेस्ट) 

पीलीभीत, उ.प्र.। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बीच में से कई मुख्य मार्ग गुजरते हैं जो कई दूसरे जनपद और प्रदेश तक नागरिकों को पचाने में सहायक है। लेकिन खाली पड़े इन मार्गों पर जब ओवरलोड वाहन और तेज गति में आ रहे छोटे एवं बड़े वाहन दौड़ते हैं तो कभी ना कभी कोई घटना हो जाती है। चीतल, पाड़ा, साप, बंदर, सियार की मौत दुर्घटना में होना एक आम बात हो चुकी है। बीते सालों में महोफ रेंज़ में माधोटांडा खटीमा मार्ग पर दो भालू के बच्चों की भी मार्ग दुर्घटना में मौत हो गई थी। जबकि एक सप्ताह पूर्व पीलीभीत माधोटांडा मार्ग पर माला रेंज में एक बाघिन की अज्ञात बड़े वाहन की टक्कर से मौत हो गई। जिस पर प्रदेश भर के वन्य प्रेमियों ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अधिकारियों का खुलकर विरोध किया और इस घटना की जानकारी अपने स्तर से प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के साथ अन्य वन अधिकारियों से की जिसके बाद विभाग हरकत में आया और जंगल के बीच में से गुजरने वाले मार्गों पर दोनों पॉइंट में तीन-तीन कर्मचारियों का स्टाफ तैनात कर दिया इधर माला रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी श्री राम जी ने रिछोल वन्य चौकी पर शाहिर अहमद डिप्टी रेंजर को वाहनों की गति एवं वाहन का नंबर और चालक का नाम  रजिस्टर में दर्ज करना के लिए तैनात किया जबकि माला रेंज की दूसरी ओर डिप्टी रेंजर मोहम्मद आरिफ को तैनात किया गया है।

महोफ रेंज़ वन क्षेत्राधिकारी आरिफ जमाल ने माधोटांडा खटीमा मार्ग पर मुस्तफाबाद बैरियर पर खुद मोर्चा संभाला है जबकि सुरई बॉर्डर चूका गेट नंबर तीन पर दो कर्मचारियों को तैनात किया गया है। हरीपुर रेंज में वन क्षेत्रीय अधिकारी साजिद असम खान ने हरीपुर रेंज के नजदीक वन दरोगा सिद्दीक अहमद को जबकि हरीपुर रेंज की दूसरी ओर धनारा घाट बैरियर पर पवन कुमार को तैनात किया है। जंगल की दोनों पॉइंट पर कर्मचारी के पास रजिस्टर में जंगल के अंदर से गुजरने वाले मार्ग पर दौड़ रही गाड़ियों की स्पीड और ब्यौरा विभाग अपने पास दर्ज करने लगा है। बहुत दिन से वन विभाग केवल हवा में ही बातें कर रहा था लेकिन वन प्रेमियों के दबाव के बाद आखिरकार विभागीय अधिकारी ने अपनी सुस्ती तोड़ी और काम पर लग गए हैं।

No comments:

Post a Comment