पीयूष पोरवाल (NNI Coverage राजधानी ब्यूरो)
लखनऊ, उ0प्र0। एंबुलेंस कर्मचारियों की तीसरे दिन भी हड़ताल जारी रही। हड़ताल के तीसरे दिन वृहस्पतिवार को प्रदेशभर के एंबुलेंस कर्मचारी ईको गार्डन पहुंचे, 11 यूनियन पदाधिकारियों पर केस दर्ज हुआ, कर्मचारियों की अरेस्टिंग के लिए पुलिस दबिश दे रही है जबकि पुलिस कार्रवाई का कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। प्रदेश में एंबुलेंस सेवा से 20000 कर्मचारी जुड़े हुए हैं, नई आउटसोर्सिंग कंपनी की मनमानी का विरोध किया जा रहा है, जिसकी वजह से सरकार द्वारा कर्मचारियों का मानदेय कम किया गया है, पुराने कर्मचारियों को निकाला गया है, मानदेय को 12700 से घटाकर 10700 कर दिया गया।
एंबुलेंस सेवा ठप कर आंदोलन कर रहे कर्मचारियों के खिलाफ बुधवार को और सख्त कार्रवाई की गई। मंगलवार को एफआइआर कराए जाने के बावजूद हड़ताल पर डटे 570 और एंबुलेंस कर्मियों को बुधवार को नौकरी से हटा दिया गया। बर्खास्त किए जाने वालों में एंबुलेंस ड्राइवर व इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) शामिल हैं। उधर शासन की ओर से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह एंबुलेंस की चाबी जमा कराएं और इसे चलाने के लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करें। 60 प्रतिशत तक एंबुलेंस के संचालन का दावा किया जा रहा है।

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