दिवाकर श्रीवास्तव (NNI Coverage जिलासंवाददाता)
बहराइच, नानपारा (उ0प्र0)। मिथिलेश नंदिनी रेशमा आरिफ महाविद्यालय नानपारा में आजादी के अमृत महोत्सव पर विधिक सेवा प्राधिकरण बहराइच की ओर से विधिक जागरूकता साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें पैनल लॉयर ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव एडवोकेट ने छात्र छात्राओं को कानून की तमाम जानकारियां दीं। शिविर कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य परमानंद पांडेय व शिक्षिका श्रीमती दरक्शा अंजुम ने कराया।
शिविर कार्यक्रम में मौजूद छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव एडवोकेट ने बताया कि महिलाओं, बच्चों, गरीबों, निःशक्तों, दिव्यांगों व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के व्यक्तियों को विधिक सहायता प्राप्त करने के अधिकार है लेकिन जानकारी के अभाव में लोगों को परेशान होना पड़ता है। संविधान द्वारा व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार के तहत पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के वक्त गिरफ्तारी का कारण बताया जाना अनिवार्य है, नियत समय से अधिक पुलिस किसी व्यक्ति को पूछताछ के लिए थाने पर नहीं बैठा सकती। परित्यक्त महिलाओं, वृद्ध जन व नाबालिगों को न्यायालय द्वारा उनके परिजनों से गुजारा भत्ता दिलाया जाता है। वैवाहिक मामलों के लंबित मुकदमों में न्यायालय में पैरवी हेतु सरकारी खर्च पर अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाते हैं। किसी विभाग के अधिकारियों या कर्मचारियों की वजह से होने वाली समस्याओं पर सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत घर बैठे रजिस्ट्री के माध्यम से जानकारी प्राप्त की जा सकती है। अनुसूचित जनजातियों को शुल्क में छूट मिलती है। लड़कियों के लिये सरकार की ओर से नारी शक्ति सुरक्षा सम्मान योजना, कन्या सुमंगला योजना, उच्च शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं संचालित हैं। आवश्यक कानूनी मदद के लिये नजदीकी पैनल लॉयर से वीडियो कांफ्रेंसिंग व ऑडियो कॉल के माध्यम से भी कानूनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
विधिक सहायता कार्यक्रम के तहत ब्लॉक बलहा के ग्राम ताजपुर टेडिया में जन प्रतिनिधि श्रीमती सलीना की ओर से विधिक जागरूकता शिविर लगवाया गया। शिविर में मौजूद ग्रामीणों को पैनल लॉयर ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से सरकार की मंशानुरूप न्यायविभाग जरूरतमंदों को बिन खर्च वहन किये कानूनी मदद उपलब्ध करा रहा है। जिसमें गरीब, महिलाएं, असहाय वृद्ध, नाबालिग लड़के लड़कियां, कारागार में निरुद्ध व्यक्तियों, अनुसूचित जनजाति के लोगों तथा दिव्यांग जन को विधिक सेवा दी जाएगी। स्वास्थ्य, आवास, शौचालय, मनरेगा योजनाओं आदि के बारे में विधिवत जानकारी के लिए विभागीय अधिकारियों से जनसूचना मांगी जा सकती है। इसके अलावा जरूरतमंद लोग तहसील स्तर पर विधिक सेवा केंद्र पहुंचकर साधारण आवेदन करके विधिक सहायता ले सकते हैं।
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