ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव (NNI Coverage ब्यूरो/संचालक)
बहराइच/नानपारा/रुपईडीहा, उ0प्र0। जनपद के स्थानीय थाना रुपईडीहा अंतर्गत सरफराज निवासी जमोग ग्राम पंचायत चरदा थाना रुपईडीहा अपनी पत्नी रूबी का इलाज न्यू लाइफ हॉस्पिटल बाबागंज में दवा विगत 6 माह से करा रहा था, 15 दिसम्बर को भी दवा लेने गया था तो वहां के मालिक ज्ञानेंद्र वर्मा ने कहा कि आज डिलीवरी का समय है आप इसे एडमिट कर दो तो उसने अपनी पत्नी को एडमिट करा दिया। सरफराज ने बताया कि मेरी पत्नी की तवियत एक दम से ठीक थी परन्तु एडमिट कराने के बाद उस की हालत बहुत खराब होने लगी तब मैंने हॉस्पिटल के मालिक से कई बार प्रर्थना किया कि आप अगर डिलीवरी नही करा पा रहे हो तो कही और भेज दो परन्तु ज्ञानेंद्र वर्मा ने मेरी पत्नी को कहीं नही रिफर किया सुबह से शाम हो गयी। शाम को लगभग 5 बजे जब मुझको जवाब देते है कि अब अपनी पत्नी को ले जाओ हमारे बस की बात नही है उस समय मेरी पत्नी मरणासन्न अवस्था मे थीं, फिर भी मैं अपनी पत्नी को लेकर जिला हॉस्पिटल में पहुँचा तो वहाँ के डॉक्टरों ने मेरी पत्नी को मृत बताया। उसके बाद वह अपनी पत्नी की लाश को घर लेकर वापस आया और रोते रोते बताया कि उसकी पत्नी को ज्ञानेंद्र ने मौत के घाट उतार दिया है। सरफराज ने बताया कि मैंने शिकायती पत्र दिया था परन्तु कोई कार्यवाही नही हुई है, और अल्टीमेटम दिया है कि अगर कोई कार्यवाही 30 दिसम्बर तक नही होती है तो आत्म दाह कर लूँगा। अब देखना यह है की क्या आला अधिकारियों आंखें खुलती हैं भ्रष्ट हॉस्पिटल के नोटों की चमक से आंखें चकाचौंध रहती हैं!
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